सुपोषित शिक्षित और सशक्त महिलाएं समाज को देंगी नई दिशाएं : रमशीला

- जिलास्तरीय सम्मेलन में सम्मानित हुई उत्कृष्ठ कार्य करने वाली महिलाएं

रोशन सोनी

अम्बिकापुर।

छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री रमशीला साहू ने शनिवार को सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित शासकीय पीजी कॉलेज के आॅडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं को विशेष सम्मान प्राप्त है।

भारतीय संस्कृति में माताएं पूजनीय मानी जाती हैं। राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास द्वारा माताओं, बहनों एवं बच्चों के सुपोषण, शिक्षण और सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देते हुए अनेक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

सुपोषण कार्यक्रम से बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार आया है तथा कुपोषण के कारण शारीरिक एवं मानसिक विकार की स्थिति अब उत्पन्न नही होती। इसी प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के माध्यम से सभी आयु वर्ग की बालिकाओं एवं महिलाओं को शिक्षित किया जा रहा है।

-रूचि के अनुसार दिया जा रहा है कौशलों का प्रशिक्षण

इसके साथ ही इनकी रूचि के अनुसार उन्हें विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में उनका सशक्तिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि सुपोषित, शिक्षित और सशक्त महिलाएं हमारे देश का प्रतिनिधित्व करते हुये समाज को नई दिशा प्रदान करेंगी।

मंत्री रमशीला साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। महिलाएं अपनी रूचि और कुशलता के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। अनेक ग्रामीण महिलाओं द्वारा सामाजिक एवं आर्थिक निर्भरता के लिए छोटे-बडे़ उद्योगों का संचालन किया जा रहा है। राज्य शासन वर्ष 2025 तक महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि प्राचीनकाल से ही भारत धार्मिक आस्था का केन्द्र रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश के लोगों में धर्म और नैतिकता के प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि हमें अपना जीवन निर्वहन करते हुए उच्च नैतिक आदर्शों का पालन करना चाहिए। राज्य शासन सभी वर्गो के समाज के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

-परिवार संचालन के महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहीं हैं महिलाएं

उन्होंने कहा कि परिवार संचालन के महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन महिलाएं कर रही हैं। गृहणियों द्वारा परिवार के सभी सदस्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जाती है। उन्होंने महिलाओं से परिवार के सभी सदस्यों को नैतिकतापूर्ण जीवन निर्वहन के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। श्रीमती साहू ने पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी को छत्तीसगढ़ का निमार्ता बताते हुये उनके उच्च नैतिक आदर्शो का अनुकरण करने का आग्रह किया।

इसके साथ ही जिला पंचायत की अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि राज्य शासन द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं के हित में अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रति वर्ष हजारों की संख्या में गरीब बालिकाओं के विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन के निर्देशानुसार की जाती है। इसके साथ ही महिलाओं को उनके रूचि के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

सम्मेलन में जिला पंचायत सदस्य, पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी निशा मिश्रा, परियोजना अधिकारी हेमंती प्रजापति सहित अन्य कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

-उत्कृष्ट कार्य के लिए आर्ट आॅफ लिविंग की ममता तिवारी हुर्इं सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान आर्ट आॅफ लिविंग की शिक्षकममता तिवारी को सरगुजा जिले में बच्चों और महिलाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य एलओएल एवं मार्गदर्शन के लिए महिला बाल विकास मंत्री ने शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महिलाओं के उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मंत्री ने श्रीमती अंजू अग्रवाल, श्रीमती पार्वती देवी प्रजापति, सुश्री बंदना दत्ता एवं श्रीमती ललतो बाई को सम्मानित किया गया।

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