गैर संचारी रोग (एनसीडी) रोकथाम एवं उपचार 15 मई से 15 जून 2019 तक आयोजित

स्वस्थ जीवन शैली अपनाने जन समुदाय को किया जाएगा प्रेरित

– मनोज मिश्रा

महासमुंद: कलेक्टर सुनील कुमार जैन के मार्गदर्शन में जिले में गैर संचारी रोगों के संदर्भ में नागरिकों को जागरूक करने, इससे बचाव, निदान तथा उपचार के लिए एवं स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’गैर संचारी रोग रोकथाम एवं उपचार माह 15 मई से 15 जून 2019 तक मनाया जाएगा।

जिले में लोक स्वास्थ्य के सुद्दृणीकरण के लिए सभी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों को सर्वसुविधा युक्त बनाया जा रहा है तथा समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य प्रदान किए जाने के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ’’हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर’’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पतालों में ’’स्वस्थ्य जीवन शैली केन्द्र’’ संचालित किए जा रहे है, जहां संदर्भित मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

समय-सीमा की बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. आर.के. परदल ने बताया कि ’’गैर संचारी रोग रोकथाम एवं उपचार माह’’ 15 मई से 15 जून 2019 तक जन समुदाय को जागरूक करने ,सही वक्त में जांच करने तथा पीड़ित मरीज को पर्याप्त उपचार उपलब्धता के लिए मनाया जाना है। हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में गैर संचारी रोग के तहत पापुलेशन बेस्ड स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है,

जिसमें 30 वर्ष एवं 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों (महिला एवं पुरूष) का मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप की जांच, महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग एवं पुरूषों तथा महिलाओं में मुंह का कैंसर का स्क्रीनिंग किया जाएगा। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. परदल ने बताया कि स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर गैर संचारी रोगों से बचाव किया जा सकता है।

इसके तहत प्रातः जागना, प्राणायाम करना, योग, हल्का व्यायाम, प्रातः उठने के पश्चात एक या दो गिलास पानी पीना, दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर व्यायाम करना, भोजन में प्रोट्रीन, कार्बोहाईडेªट एवं फैट समुचित एवं पर्याप्त मात्रा में लेना शामिल है।

इसके अलावा मानसिक तनाव से मुक्त होने के लिए ध्यान करना, वर्ष में कम से कम एक बार स्वास्थ्य चेकअप कराना, तम्बाखू, गुटखा, धुम्रपान आदि को त्यागना तथा उससे दूर रहना तथा तम्बाखू से बने पदार्थो का सेवन नहीं करना शामिल है। इन सभी उपायो को अपनाकर गैर संचारी रोगों से बचाव किया जा सकता है।

डा. परदल ने बताया कि एनसीडी माह के लिए जिले में 31 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर है, जिसमें हर दिन 500 व्यक्तियों के हिसाब से एक माह में 15 हजार 500 व्यक्तियों की जांच की जाएगी। गैर संचारी रोग के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

एनसीडी के लिए नुक्कड़ नाटक, रेडियों जिंगल, पाम्पलेट, बैंनर, पोस्टर, सोशल मीडिया में व्यापक प्रचार-प्रसार, मितानिनों के माध्यम से तम्बाकू एवं शराब के निषेध के लिए पारा बैठक एवं सामुदायिक अभियान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनसीडी स्क्रीनिंग प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में चिकित्सा अधिकारियों, सहायक चिकित्सा अधिकारियों की एनसीडी स्क्रीनिंग के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला रखा जाएगा,

जिसमें स्टॉफ नर्स, आरएचसी, एलएचव्ही की एनसीडी के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण, एम्स रायपुर एवं अन्य शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से व्हीए प्रशिक्षित स्टाफ नर्सो के माध्यम से सर्विस सेंटर की जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर जहां उपलब्ध हो वहां की जाएगा। महिला स्वसहायता समूह का जिला स्तर पर प्रशिक्षित टीओटी प्रशिक्षक द्वारा दो दिवस के लिए गैर संचारी रोग की सामान्य जानकारी एवं स्क्रीनिंग कराया जाएगा।

उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत विभाग से विशेष रूप से सहयोग करने का आग्रह किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर शरीफ मोहम्मद खान, आलोक पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर शिवकुमार तिवारी सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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