अंतर्राष्ट्रीय

तानाशाह की धमकी:युद्ध छिड़ा तो जापान का वजूद मिटा देंगे

उत्तर कोरिया ने कहा है कि अगर भविष्य में कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध छिड़ा तो जापान को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वह टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा। समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस’ में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद समिति ‘केसीएनए’ ने सोमवार को कहा था कि किसी भी तरह के युद्ध से निपटने के लिए देश में युद्ध के लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं।

बयान के मुताबिक ‘क्या जापान को अमेरिका से मिलने वाले सहारे का लाभ लेना चाहिए, क्या वह हमारे देश की शक्तिशाली सेना की घातक मिसाइलों का निशाना नहीं बन सकता है। अगर कोरियाई प्रायद्वीप में किसी भी तरह का कोई युद्ध छिड़ता है तो जापान कभी भी सुरक्षित नहीं रह सकता है। साथ ही अमेरिका का कोई समर्थन उसे नहीं मिल पाएगा।’

जापान को यह चेतावनी दी जाती है कि अगर वह अमेरिका के दम पर कोई धृष्टता करता है तो यह जापान के लिए ऐसा नुकसान होगा जिसकी कोई भरपाई संभव नहीं है। समाचार पत्र में कहा गया है कि उत्तर कोरिया में युद्ध के लिए तैयारियां जोरो पर हैं और सभी सैनिक तथा देश के लोग युद्ध की तैयारियों में जुट गए हैं। हमला करने के सभी साधनों को अलर्ट पर रखा गया है।

चार जहाजों के सभी बंदरगाहों पर प्रवेश पर रोक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया में प्रतिबंधित सामान लाने-ले जाने वाले चार जहाजों को अन्य देशों द्वारा अपने बंदरगाहों पर प्रवेश की इजाजत देने पर रोक लगा दी है। उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लागू हो, इसे देख रहे पैनल के प्रमुख ह्यू ग्रिफिथ्स ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को बंदरगाह प्रतिबंध की जानकारी दी।

ग्रिफिथ्स ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब प्योंगयांग पर पाबंदियों पर नजर रखने वाली सुरक्षा परिषद समिति ने इन जहाजों के सभी बंदरगाहों पर प्रवेश पर रोक लगाई है। उन्होंने चार मालवाहक जहाजों की पहचान पेट्रेल 8, हाव फान 6, तोंग सान 2 और जी शुन के रूप में की है। इन चारों जहाजों को पांच अक्तूबर को प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले के रूप में चिन्हित किया गया था।

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