तानाशाह की सनक:रिपोर्ट में दावा-‘प्लेग और चेचक बम’ बना रहा उत्तर कोरिया

परमाणु हथियारों के साथ-साथ उत्तर कोरिया जैविक हथियार भी विकसित कर रहा है। एक अमेरिकी थिंकटैंक की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ‘बेल्फर सेंटर’ के अध्ययन में कहा गया है कि संभव है कि प्योंगयांग प्लेग और चेचक फैलाने वाले जैविक हथियार बना रहा हो। उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के बढ़ते खतरे के बीच इस रिपोर्ट से चिंता और बढ़ सकती है। उत्तर कोरिया की हथियारों से जुड़ी टीम में काम कर चुके लोगों के बयानों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह काम 1960 के दशक में ही शुरू हो गया था।

कोरिया युद्ध के बाद 1950 और 1953 के बीच हजारों लोगों की मौत हैजा, टाइफस, टाइफाइड और चेचक के प्रकोप से हो गई थी। उस समय उत्तर कोरिया की सरकार ने इसके लिए अमेरिका के जैविक हथियारों को जिम्मेदार ठहराया था।

इस रिपोर्ट के लेखक का कहना है कि दुनिया के ज्यादातर देशों का ध्यान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर है, ऐसे में उसके जैविक कार्यक्रम पर भी ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। यह कार्यक्रम किस स्तर पर चल रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि प्योंगयांग 10 दिन के भीतर हथियार तैयार करने की स्थिति में पहुंच गया है।

किम जोंग के भाई की मौत से बढ़ी आशंका
मलेशिया में किम जोंग-उन के भाई किम जोंग-नाम की हत्या के बाद इसकी आशंका ज्यादा बढ़ गई है। माना जा रहा है कि घातक नर्व एजेंट प्योंगयांग के ही बायो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट से आया था। यह उत्तर कोरियाई सेना के अधीन है और यहां शासक किम जोंग उन भी आते रहते हैं।

अलग-अलग बीमारियां पैदा करने की दिशा में काम

आशंका जताई जा रही है कि उत्तर कोरिया कई अलग-अलग बीमारियां पैदा करने की दिशा में काम कर रहा है। वह जैविक हथियार भी बनाने में जुटा है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि नॉर्थ कोरिया में कम से कम 3 बायलॉजिकल वेपंज प्रॉडक्शन यूनिट हैं और कई रिसर्च सेंटर भी उससे जुड़े हैं।

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