चीन का उत्तर कोरियाई कंपनियों को फरमान, जनवरी तक अपना बोरिया बिस्तरा समेटो

बीजिंग: 28 सितम्बर (एएफपी) चीन ने देश में उत्तर कोरिया की कंपनियों को जनवरी तक अपना बोरिया बिस्तरा समेटने के आदेश दिए हैं, क्योंकि प्योंगयांग द्वारा छठे परमाणु परीक्षण के बाद इसने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को लागू कर दिया है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार (28 सितंबर) को कहा कि चीनी कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम में चल रही कंपनियों सहित उत्तर कोरिया की कंपनियों के पास संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव 11 सितम्बर को पारित होने के दिन से 120 दिनों का वक्त है. चीन द्वारा प्रतिबंधों को लागू करने की पुष्टि करने के बाद यह घोषणा की गई है. इसमें उत्तर कोरिया को रिफाईन पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात को सीमित करना और पड़ोसी देश से कपड़ा आयात एक अक्तूबर से बंद करना शामिल है.

संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को चीन द्वारा लागू किया जाना उत्तर कोरिया के लिए नुकसानदेह है. बीजिंग प्योंगयांग का मुख्य सहयोगी और व्यापारिक साझीदार है और उत्तर कोरिया अपना 90 फीसदी व्यापार चीन के साथ करता है. अमेरिका चीन पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी आर्थिक मजबूती का इस्तेमाल कर उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षा पर लगाम कसे.
उत्तर कोरिया ने डोनाल्ड ट्रंप पर अमेरिकी छात्र ओट्टो वार्मबियर की मौत का फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘सनकी बुड्ढा’ बताया है. सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए द्वारा जारी एक बयान में उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग की हिरासत के दौरान 22 वर्षीय छात्र के उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘सनकी बुड्ढा’ बताया. उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने वार्मबियर के मुद्दे पर अमेरिका पर फायदा उठाने का आरोप लगाया.

वार्मबियर की उत्तर कोरिया में कोमा में रिहाई होने के बाद अमेरिका लौटने पर मौत हो गयी थी. जनवरी 2016 में एक पर्यटक के रूप में उत्तर कोरिया की यात्रा पर आये वार्मबियर को गिरफ्तार करके कैदी बना लिया गया था. हिरासत से उसकी रिहाई होने और एक रहस्यमयी कोमा में स्वदेश भेजे जाने के कुछ दिनों बाद ही इस वर्ष जून में उसकी मौत हो गयी थी. बयान में कहा गया है, ‘ट्रंप और उनके लोग डीपीआरके विरोधी अपने अभियान के लिए एक अमेरिकी छात्र वार्मबियर की मौत का फिर से फायदा उठाने में लग गये है.’

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