मुश्किल में उइके, गठबंधन का पेंच

पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र मरवाही विधानसभा क्षेत्र

पाली-तानाखार में कांग्रेसी किला

ढहाने भाजपा को जीत की तलाश 

मरवाही में आसान नहीं होगा

अजीत जोगी की चुनौती से निपटना

उइके रामदयाल

अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित पाली-तानाखार विधानसभा सीट पर छत्तीसगढ़ बनने के बाद से कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। यहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला गोंडवान गणतंत्र पार्टी से रहा है वहीं भाजपा अब तक इस सीट पर खाता नहीं खोल पाई है।
वहीं मरवाही विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी परिवार का वर्चस्व रहा है। साल 2003 के विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भाजपा के कद्दावर आदिवासी नेता नंदकुमार साय को रिकार्ड मतों से हराया था। वर्तमान में इस सीट अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी विधायक चुने गए हैं।

रायपुर: अनुसूचित जनजाति के सुरक्षित तानखार विधानसभा क्षेत्र में साल 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से दलबदल कर कांग्रेस में आए रामदयाल उइके को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को 20313 मतों से हराया। इस चुनाव में भाजपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस के रामदयाल उइके को 48844 मत मिले वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को 28531 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने रामदयाल उइके को दोबारा मैदान में उतारा। इस चुनाव में उन्होंने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को त्रिकोणीय मुकाबले में 29443 मतों के भारी अंतर से हराया। भाजपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस के रामदयाल उइके को 56676 मत मिले वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को 27233 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को कांग्रेस के इस गढ़ में ढहाने में सफलता नहीं मिल पाई। इस चुनाव में कांग्रेस दो बार जीत हासिल कर चुके अपने पुराने चेहरे रामदयाल उइके को तीसरी बार मैदान में उतारा। इस चुनाव में उन्होंने गोंडवान गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को त्रिकोणीय मुकाबले में 28713 मतों से हराया। कांग्रेस रामदयाल उइके को 69450 मत मिले वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरासिंह मरकाम को 40637 मतों से संतोष करना पड़ा। भाजपा तीसरे स्थान पर रही।

आने वाले चुनाव में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्थानीय दलों से गठबंधन के संकेत दिए हैं। बता दें कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही है। हालांकि इस अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है पर पाली-तानाखार सीट से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष हीरासिंह की दावेदारी कांग्रेस को परेशानी में डालने वाली साबित हो रही है। कांग्रेस इस सीट पर लगातार जीत हासिल करती आ रही, ऐसे में गठबंधन धर्म का पालन करते हुए इस सीट को गोंडवाना पार्टी के लिए छोड़ने के लिए वह आसानी राजी नहीं होगी। इस सीट पर कांग्रेस अपनी दावेदारी को लेकर संशय में है। वहीं भाजपा इस बार कांग्रेस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बीच मचे गठबंधन के पेंच का फायदा उठा कर पाली-तानाखार सीट पर अपनी जीत का रास्ता तलाश कर रही है।

कांग्रेस का गढ़ रहा है मरवाही

साल 2003 के विधानसभा चुनाव में मरवाही विधानसभा से तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल की। इस चुनाव में भाजपा ने अपने वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में कांग्रेस े अजीत जोगी ने सीधे मुकाबले में भाजपा के नंदकुमार साय को 54150 मतों से हराया। कांग्रेस के अजीत जोगी को 76269 मत मिले वहीं भाजपा के नंदकुमार साय को 22119 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मरवाही में दोबारा जीत हासिल की। इस चुनाव में कांगे्रस की ओर से अजीत जोगी मैदान में थे वहीं भाजपा ने ध्यानसिंह पोर्ते को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस के अजीत जोगी ने सीधे मुकाबले में भाजपा के ध्यानसिंह पोर्ते को 42092 मतों से हराया। कांग्रेस के अजीत जोगी को 67523 मत मिले वहीं भाजपा के ध्यानसिंह पोर्ते को 25431 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को मैदान में उतारा। अमित जोगी भाजपा की समीरा पैकरा को सीधे मुकाबले में 46250 मतों से हराकर विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे। इस चुनाव में कांग्रेस के अमित जोगी को 82909 मत मिले वहीं भाजपा की समीरा पैकरा को 36659 मतों से संतोष करना पड़ा।

इस बार अजीत जोगी द्वारा कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बना लेने से कांग्रेस के सामने अपना मरवाही का गढ़ बचाने की चिंता है तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की ओर अमित जोगी की पुख्ता दावेदारी। वहीं भाजपा कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का लाभ उठाकर त्रिकोणीय संघर्ष में मरवाही जीत हासिल करने पुरजोर प्रयास कर रही है। इस बार कांग्रेस किसे अपना उम्मीदवार बनाती है ये अभी तय नहीं हो पाया है वहीं भाजपा भी दमदार प्रत्याशी की तलाश कर रही है। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री के गढ़ मरवाही में आने वाले विधानसभा चुनाव में घमासान मचना तय है।

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