घर के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर के वास्तु दोष भी डालते है आपके आशियाने पर प्रभाव

वास्तु दोषों के कारण व्यक्ति को कई बार असफलता और स्वास्थ्य संबंधी भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कहते हैं कि घर में अगर वास्तु दोष हो तो इसका असर घर और परिवार वालों की सेहत पर पड़ता है। किसी भी तरह का वास्तु दोष होने के कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

वास्तु दोषों के कारण व्यक्ति को कई बार असफलता और स्वास्थ्य संबंधी भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कहा जाता है कि वास्तु दोष केवल घर के अंदर ही नहीं बल्कि घर के बाहर भी हो सकता है। तो चलिए जानते हैं घर के अंदर और बाहर के वास्तु दोष के प्रभाव को कैसे कम किया जा सकता है।

मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखें। मेन गेट पर रात में भी रोशनी होनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कोशिश करनी चाहिए कि प्रवेश द्वार पर लकड़ी की थोड़ी ऊंची दहलीज जरूर हो, जिससे कि बाहर का कचरा अंदर आने से रुकेगा क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि कचरा भी वास्तु दोष को बढ़ाता है।

मेन गेट पर गणेशजी की मूर्ति या तस्वीर या स्टीकर आदि लगाए जा सकते हैं। अगर आप चाहें तो दरवाजे पर ऊँ भी लिख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि दरवाजे पर ऐसे निशान बनाने से देवी-देवताओं की कृपा घर पर बनी रहती है।

मुख्य द्वार के सामने फूलों से सजाएं। खास करके सूरजमुखी के फूलों की फोटो लगाना ज्यादा अच्छा होता है।

घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रखें। खासकर दक्षिण-पश्चिम दिशा में कभी भी अंधेरा न रखें।

घर में हमेशा शांति बनाए रखनी चाहिए। किसी भी प्रकार का क्लेश नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि लड़ने-झगड़ने से परिवार में वास्तु दोष भी बढ़ते हैं।

घर के आस-पास अगर कोई सूखा पेड़ या ठूंठ है तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। इसकी वजह से वास्तु दोष बढ़ता है।

घर-परिवार में चल रही परेशानियों को दूर करने के लिए रोज़ सुबह जल्दी उठना चाहिए और हर व्यक्ति को नहाने के बाद सूर्य को जल जरूर चढ़ाएं।

रोज सुबह-शाम घर के मंदिर में दीप-दान जरूर करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने पर घर का वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मकता बढ़ती है।

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