CG पुलिस के परिजनों की हड़ताल को लेकर तीन हजार जवानों को नोटिस

रायपुर।

छत्तीसगढ़ में पुलिस कर्मियों के परिजनों की हड़ताल के आंदोलन को कुचलने के लिए तीन हजार से अधिक जवानों को नोटिस थमाया गया है, इसमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक के अकिारी शामिल हैं।

गौरतलब है कि अवकाश, वेतन-भत्तों समेत विभिन्न मांगों को लेकर अरसे बाद पुलिस कर्मियों ने फिर आंदोलन का बिगुल फूंका है लेकिन इस बार पैंतरा बदला हुआ है।

जिलों में पुलिस कर्मियों के परिवार के लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस धरने को बल पूर्वक हटाने के लिए लगाई जा रही फोर्स अपने ही परिवार पर सख्ती से पीछे हट जा रही है। पुलिस परिवारों ने 25 जून को राज्य मुख्यालय पर प्रदर्शन के लिए शासन-प्रशासन से अनुमति मांगी है।

इस बीच गुरुवार को डीजीपी एएन उपाध्याय मीडिया के सामने आए। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी। कहा कि कभी भी आंदोलन से भत्ता नहीं बढ़ता है। पुलिस बल में अनुशासन सबसे जरूरी अंग है। पुलिसकर्मियों का दायित्व है कि वह अपने परिवार को ऐसे किसी भी आंदोलन से दूर रखें। कुछ रिटायर्ड पुलिसकर्मी उकसाने का काम कर रहे हैं, जिसके कारण पुलिस बल अनुशासन की अवहेलना कर रहे हैं। अनुशासन भंग करने वालों को बर्खास्त किया जाएगा।

इर परिजनों की हड़ताल पर जवानों को नोटिस थमाए जाने पर कानूनी राय भी ली जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिजवी कहते हैं कि पुलिस विभाग सिर्फ अपने कर्मचारियों को नोटिस दे सकता है, उनके परिवार वालों की अभिव्यक्ति को रोकना संविधान में प्रदत्त अधिकारों का हनन है। पुलिसकर्मी यदि आदेश की अवहेलना करें, अनुशासन तोड़ें तभी उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है, लेकिन परिवार के लोगों पर दबाव बनाने का अधिकार स्वयं परिवार के मुखिया को भी नहीं है।

हवा देने वालों की हो रही पहचान : गृह मंत्री

छग के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवारों के आंदोलन को कुछ सेवानिवृत एवं बर्खास्त पुलिसकर्मी हवा दे रहे हैं। उनकी पहचान कराकर कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस की बेहतरी के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

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