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दक्षिण भारत के कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन एन मुथप्पा राय की एक निजी अस्पताल में मौत

आखरी समय तक कैंसर से जूझता रहा एन मुथप्पा राय

बंगलुरु: पिछले एक साल से मस्तिष्क कैंसर से पीड़ित दक्षिण भारत के दक्षिण कन्नड़ के पुत्तूर शहर में तुलु भाषी बन्त परिवार में जन्मे 68 वर्षीय कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन एन मुथप्पा राय की एक निजी अस्पताल(मणिपाल अस्पताल) में शुक्रवार तड़के 2:30 बजे मौत हो गया।

राय ने बहुत कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में प्रवेश कर लिया था। बाल अपराधों से शुरू हुआ उसका कैरियर दक्षिण भारत के डॉन के रूप में स्थापित हुआ था। इस अवधि में उसके खिलाफ लगभग एक सैकड़ा मामले दर्ज हुए थे।

हालाँकि सबूतों के अभाव में ज्यादातर मामलों में वो बच गया था। कई मुकदमे अभी भी विचाराधीन है। कर्नाटक पुलिस ने राय के खिलाफ हत्या और साजिश समेत आठ मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। 2002 में राय को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था।

भारत लाए जाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबाआई), अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग (रॉ), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और कर्नाटक पुलिस समेत कई जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। बाद में सबूतों की कमी के कारण उसे बरी कर दिया गया था।

हालाँकि अपराधों से दूरिया बनाने का दावा कर उसने अपने जीवन को सुधारने के प्रयास में एक परमार्थ संगठन ‘जय कर्नाटक’ की स्थापना की थी। राय ने 2011 में तुलु फिल्म कांचिल्डा बाले और 2012 में कन्नड़ फिल्म कटारी वीरा सुरसुंदरंगी में अभिनय किया था।

बॉलीवुड निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने इस डॉन को लेकर स्क्रिप्ट भी तैयार की थी। वे मुथ्थपा राय के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन किसी वजह से फिल्म अटक गई। राय के परिवार के सूत्रों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार आज ही बिदादी मोक्षधाम में किया जाएगा।

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