छत्तीसगढ़

अब आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर्स भी दे सकेंगे एलोपैथी दवा

रायपुर।

प्रदेश के आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर्स को आखिरकार एलोपैथी की दवाएं लिखने का अधिकार मिल गया। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर क्लियर-कट गाइड-लाइन जारी कर दी।

इसके साथ स्पष्ट किया है कि डॉक्टर्स कौन-सी दवा लिख सकते हैं और कौन-सी नहीं। लिखी जाने वाली 25 दवाओं की सूची आदेश के साथ जारी की गई हैं।

इसे आयुर्वेदिक, यूनानी डॉक्टर्स की बड़ी जीत कहा जा रहा है। गौरतलब है कि इनके पाठ्यक्रम में मॉर्डन मेडिसिन पढ़ाई जाती है, जिसे लेकर सोसाइटी ऑफ क्लिनिक आयुर्वेदा छत्तीसगढ़, आयुष्मान छत्तीसगढ़ ने आवाज बुलंद की थी।

शासन ने आदेश भी जारी किया था, लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की छत्तीसगढ़ इकाई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी, जिस पर कोर्ट ने शासन को आदेशित किया कि वह आदेश में स्पष्टता रखते हुए अधिसूचना जारी करे। इस बीच हाईकोर्ट में चली सुनवाई के दौरान दोनों ही संघों के पदाधिकारियों ने कोर्ट के समक्ष तमाम तथ्य रखे। इसके बाद 29 नवंबर को स्वास्थ्य संचालनालय के संयुक्त संचालक (लोक अभियोजन) ने आदेश जारी कर दिया।

आयुर्वेदिक, यूनानी चिकित्सक लिख सकेंगे ये दवाएं

एंटासिड्स, एंटी हेलमिन्थिक, एंटी एमिबिलक ड्रग्स एवं एंटी प्रोटोजोअल, विटामिन एंड हीमेटिनिक्स, एनालजेसिक्स,एंटी इमेटिक्स, एंटी एलर्जिक, लेक्जेटिक्स, एक्सपेक्टोरेंट, एंटी बायोटिक्स, एंटी एन्जाइल से लेकर क्रानिग आब्स्ट्रिक्टव प्लमोनरी (अस्थमा/दमा), डायबिटिस मेलाइट्स, हाईपरटेंशन, ट्रामाकेयर और मैनेजमेंट ऑफ इनज्यूरिस, ब्रांकोडायलेक्टर्स, एंटी मलेरियल,एंटी ट्यूबरकुलर, इयर ड्राप्स, डाइयूरेटिक्स, एंटी स्केबिस, टापिकल एंटीफंगल, आइड्रप्स या आइटमेंट, एंटी डायरियल।

नहीं की जाने वाली प्रक्रिया

-मेडिकोलीगल केसेस
पोस्टमार्टम (पीएम)
शिशु रोगों के लिए इंट्रामस्कूलर सिफेलोस्पोरिन, ओरल बिटामिथासोन ड्राप्स, इंट्राविनस एंटीबायोटिक्स इन ओपीडी सिटिंग।
नेत्र रोगों में स्टेरॉइड से युक्त आई ड्राप या आई आइंटमेंट नेत्रों में लगना वर्जित।

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अब आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर्स भी दे सकेंगे एलोपैथी दवा
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