छत्तीसगढ़

अब नहीं ठगे जा सकेंगे ग्रामीण कृषक

विहिप का फरमान बस्तर के ग्रामीण करें खुली शिकायत
ट्रैक्टर एजेंसी ने स्वीकारी गलती, किसान को लौटाया दूसरा ट्रेक्टर

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. फाइनेंस कंपनी के खेल का शिकार बस्तर के आदिवासी कृषक लगातार होते आ रहे हैं। इनकी किसी तरह की सुनवाई नहीं होती है। ऐसे ही एक मामले में ब्लाक तोकापाल के ग्राम सालेपाल के कृषक मेटाराम को महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी ने चूना लगाया था। यह कृषक विश्व हिन्दू परिषद का सक्रीय कार्यकर्ता था। उसने इस बात को परिषद के सामने रखा।

इसपर संभागीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने अपनी टीम के साथ प्रशासन को सजग करवाया और कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते प्रशासन ने भी पाया कि किसानोंं के साथ छलावा हो रहा है। कलेक्टर धनंजय देवांगन के निर्देश पर अपर कलेक्टर हीरालाल नायक ने छानबीन के बाद महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी के यार्ड को सील कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की कार्रवाई को देखते फाइनेंस कंपनी ने प्रभावित किसान को एक अच्छे कंडिशन की सेकण्ड हैण्ड ट्रेक्टर देने का वायदा किया। गुरूवार को कंपनी ने कृषक मेटाराम को ट्रैक्टर प्रदान किया।

विहिप की नैतिक जीत

विश्व हिन्दू परिषद के संभागीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कृषक को फाइनेंस कंपनी के द्वारा ट्रैक्टर प्रदान किए जाने को विहिप और बजरंग दल की नैतिक जीत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विहिप व बजरंग दल बस्तर के हर किसान के साथ खड़ा है। किसानों के साथ छलावा न हो इसके चलते परिषद की ओर से आह्वान किया गया है कि तोकापाल, बास्तानार, लोहण्डीगुड़ा, दरभा इलाके का कोई भी किसान यदि फाइनेंस के नाम पर खुद को छला महसूस करता है तो वो परिषद व बजरंग दल के सदस्यों व पदाधिकारियों से संपर्क कर सकता है। उसके लिए सार्थक पहल होगी। इस मामले को लेकर बस्तर में चल रहे गोरखधंंधे की शिकायत 22 जुलाई को प्रदेश के राज्यपाल से की जाएगी। दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में ट्रेक्टर प्रदान करने के दौरान विहिप और बजरंग दल के नवरत्न जलोटा, उपेन्द्र मिश्रा, अनिरूद्ध मिश्रा, सागर चौधरी, कुणाल शर्मा, यशवर्धन शर्मा, मासोराम, कार्तिक कावड़े, मेटाराम, रमेश करटानी, सिंगाराम सहित अन्य व ग्रामीण मौजूद रहे।

क्या था मामला

ग्राम सालेपाल के किसान के पास एक पुरानी ट्रेक्टर थी। इसे वे खेती किसानी के कार्य में उपयोग करता था। फाइनेंस कंपनी ने देखा कि कृषक संपन्न है, कंपनी ने उसे नया ट्रेक्टर देने की बात कही। प्रस्ताव पर कृषक राजी हो गया। इसके बाद कंपनी ने उससे पैसे लिए और पुराना ट्रैक्टर भी लिया। कुछ समय के बात किश्त अदायगी नहीं होने की बात कहते नए ट्रेक्टर को भी जब्त कर लिया। इस दौरान कृषक और फाइनेंस कंपनी के बीच जो भी हुआ वो जांच में सामने आया कि फाइनेंस कंपनी ने किसान को झांसा दिया है। इसका परिणाम यह हुआ कि महिन्द्र फाइनेंस ने कार्रवाई के डर से किसान को दूसरा ट्रेक्टर प्रदान किया। मालूम हो कि इस मामले को लेकर अब विहिप और बजरंग दल कानूनी कार्रवाई की मांग पर डटे हुए हैं।

Back to top button