अब मास्क न पहनने वालों के लिए मुश्किल बनेगा ‘फेस मास्क डिटेक्शन सिस्टम’

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने मास्क सिस्टम को डिजाइन और विकसित किया है।

DELHI: कोरोना को लेकर हुए तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक रूप से मास्क पहनना एक प्रभावी उपाय है। इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। हालांकि यह अक्सर देखा गया है कि लोग सही से मास्क नहीं पहनते या कई बार ठुड्डी या नाक से नीचे पहनते हैं, जो समाज के लिए खतरनाक है। इसी के मद्देनजर कोल्हापुरी इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रों ने इसका अध्ययन किया और ऑटोमेशन के जरिए इसका समाधान भी पेश किया।

फेस मास्क डिटेक्शन सिस्टम

हर साल विभिन्न संस्थानों के छात्र नवीन परियोजनाओं का विकास कर रहे हैं, जो समाज के लिए उपयोगी हैं। परियोजना कार्य के चयन में लोगों को उनके दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता दी जाती है। चूंकि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य है, लेकिन सभी उचित तरीके से मास्क पहनने के मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी ने डीकेटीई टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों ने एक अभिनव फेस मास्क डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया है।
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने मास्क सिस्टम को डिजाइन और विकसित किया है।

मास्क ठीक से नहीं पहनने वालों का चलेगा पता

स्नेहल विराजे, मृदुला खोद, सांभवी पनवेल, रवीना निंबालकर और श्वेता कोली ने प्रोफेसर स्मिता एस दरबस्तवार के मार्गदर्शन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए परियोजना को अंजाम दिया। इस प्रोजेक्ट में यह जांचने के लिए एक मॉड्यूल को विकसित किया गया है कि व्यक्ति ने मास्क पहना है या नहीं। अगर व्यक्ति ने मास्क नहीं पहनना है, तो विकसित किए गए विशिष्ट साउंड सिस्टम के जरिए इसका पता चल जाता है।

इस प्रणाली का उपयोग बड़ी कंपनियों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक रेलवे स्टेशनों पर लोगों के फेस मास्क का स्वचालित रूप से पता लगाने के लिए किया जा सकता है।
छात्रों ने ये जांचने के लिए एक मॉड्यूल तैयार किया है कि व्यक्ति ने मास्क पहनना है या नहीं, अगर किसी ने मास्क नहीं पहनना है तो सिस्टम अलर्ट बजर के जरिए चेतावनी देता है।

सिस्टम में बजने लगेगा अलार्म

इस बारे में कोल्हापुर के डीकेटीई की प्रोफेसर स्मिता.एस. दरबस्तवार बताती हैं कि फेस मास्क डिटेक्शन सिस्टम में जगह-जगह इस सिस्टम को लगा दिया जाता है। अगर कोई व्यक्ति मास्क नहीं लगाता या फिर मास्क से नाक या मुंह कवर नहीं किया है, तो सिस्टम से अलार्म बजने लगेगा।

डीकेटीई के छात्र पिछले साल से कोरोना जैसे वायरस के खिलाफ निवारक उपायों को खोजने के लिए अभिनव अनुसंधान कर रहे हैं और सफलतापूर्वक माड्यूल बनाया है, जो समाज के लिए कोविड के खिलाफ लड़ने के लिए फायदेमंद हो सकता है। लोगों को दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को समझते हुए तकनीक की मदद से समाधान निकालने का प्रयास किया है।

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