छत्तीसगढ़

…. अब कोंडागांव कलेक्टर टेकाम के राजनीति में आ के अटकले तेज

बड़वानी से चुनाव लड़ने एक बार इस्तीफा दे चुके हैं

रायपुर : रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी के बाद कोंडागांव कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के भी आईएएस से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की अटकलें बड़ी तेज हो गई है। सूबे में हर दूसरा आदमी यह सवाल कर रहा कि क्या टेकाम भी ओपी के नक्शे-कदम पर चलते हुए आईएएस को बॉय-बॉय कर देंगे।

टेकाम को बस्तर के कोंटा या कोंडागांव सीट से चुनाव लड़ने की बात की जा रही है। कहने वालों का दावा यह भी कि टेकाम से दो दौर की बात हो चुकी है। फायनल निर्णय कभी भी हो सकता है। सियासी गलियारों में चल रही अटकलों की मानें तो टेकाम भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

कोंडगांव कलेक्टर के चुनाव लड़ने के पीछे चर्चा की एक वजह यह भी है कि वे मध्यप्रदेश के समय 98 विधानसभा चुनाव में धार जिले के बड़वानी सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामंकन दाखिल कर चुके थे। बड़वानी में एसडीएम रहने के दौरान वे वहां इतने लोकप्रिय हो गए थे कि लोगों के प्रेशर पर उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर 10 हजार लोगों के जुलूस के साथ उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उन्होंने नामंकन भर दिया था। टेकाम के इस फैसले से कांग्रेस की राजनीति में खलबली मच गई थी। बताते हैं, तब के मुख्यमत्री दिग्विजय सिंह ने टेकाम को मनाने के लिए कुछ आदिवासी नेताओं को लगाया था। उन्होंने उनका इस्तीफा भी स्वीकार नहीं किया। बाद में, टेकाम ने नामंकन वापिस ले लिया था।

इसका आशय यह है कि राजनीति उनका पसंद का क्षेत्र है। ओपी और टेकाम में समानता यह है कि दोनों माटी पुत्र हैं। टेकाम कांकेर जिले के अंतागढ़ के हिरामी गांव के रहने वाले हैं। वे स्टूडेंट लाइफ से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे कांकेर कालेज के अध्यक्ष भी रहे। आदिवासी होने के कारण उनका बस्तर इलाके में खासा प्रभाव है। बलीराम कश्यप और महेंद्र कर्मा के जाने के बाद बस्तर में बीजेपी और कांग्रेस में कोई प्रभावशाली नेता बचा नहीं। सरकार में बीजेपी से दो मंत्री हैं। लेकिन, दोनों काम के जरिये अपनी पहचान नहीं बना पाए। और न ही उनके चलते आदिवासी समाज का भला हुआ। कह सकते हैं, सिर्फ नाम के लिए दोनों मंत्री हैं। टेकाम पढ़े-लिखे हैं और उच्च पदों पर बैठे हैं। सूत्रों का कहना है, बीजेपी की कोशिश है कि टेकाम जैसे चेहरे को राजनीति में लाने से आदिवासी लीडरशिप का एक बड़ा वैक्यूम पूरा होगा।

लेकिन, ये खबर अभी चर्चाओं और अटकलों तक है। न तो बीजेपी इसकी पुष्टि कर रही और न ही टेकाम। न्यूपावरगेम ने इस विषय पर टेकाम से बात की। उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विशुद्ध तौर पर यह काल्पनिक है। वे अपने नौकरी से खुश हैं और कहीं नहीं जा रहे।

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