अब गूगल मैप्स के जरिए हैकर्स हासिल कर रहे बैंक अकाउंट्स की जानकारी

आपको जानकर हैरानी होगी कि गूगल मैप्स के जरिए हैकर्स आपके बैक अकाउंट्स की जानकारी को हासिल कर आपको चूना लगा सकते हैं।

गूगल मैप्स का उपयोग लोग दुनिया भर में आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए करते हैं, लेकिन अब इन्हीं मैप्स का उपयोग लोगों की बैंक डिटेल्स को चुराने के लिए किया जा रहा है।

लेकिन अगर आपको इस फ्रॉड की जानकारी पूरी तरह से हो तो आप इस तरह के अटैक से अभी भी बच सकते हैं।

आसानी से एडिट हो रही मैप्स की जानकारी

गूगल की यूज़र जनरेटेड कंटेंट पॉलिसी के तहत गूगल मैप्स में दी गई जानकारी को कोई भी आसानी से एडिट कर सकता है।

टेक्नोलॉजी न्यूज़ वेबसाइट गैजेट्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, अटैकर इस पॉलिसी का गलत फायदा उठाकर गूगल सर्च रिजल्ट में बैंक के असली फोन नंबर की जगह अपना मोबाइल नंबर डाल रहे हैं और लोगों को बेवकूफ बना कर उनके बैंक अकाउंट से पैसे उड़ाने की चाल चल रहे हैं।

ऐसे हो रहा अटैक

गूगल की पॉलिसी के तहत जब आप अपने बैंक को गूगल मैप पर सर्च करते हैं तो आपको अटैकर द्वारा दिखाई गई जानकारी मिलती है, जिसे आप सही समझ कर उस पर फोन करते हैं।

इस दौरान आप सोचते हैं कि गूगल द्वारा दिखाई गई जानकारी सही है, लेकिन आपको पता नहीं होता कि असल में अटैकर द्वारा इस जानकारी को शामिल किया गया है।

ऐसे में, जब आप फोन करते हैं तो आपकी कॉल फ्रॉड कॉल करने वालों के पास चली जाती है और वे बैंक के कर्मचारी की तरह आपसे बातें करते हैं।

इस दौरान वे आपसे एटीएम और क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी मांगते हैं और आप उसे बैंक का कर्मचारी समझकर पूरी जानकारी दे भी देते हैं। इसके बाद उनकी पहुंच आपके बैंक खाते तक हो जाती है, जिससे आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।

महाराष्ट्र की साइबर पुलिस ने किया खुलासा

महाराष्ट्र की साइबर पुलिस ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि अब तक ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं, जो बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित हैं।

आपको बता दें कि इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) भी इस अटैक से प्रभावित हो गया है। एक अटैकर ने मुंबई के EPFO ऑफिस की कॉन्टैक्ट डिटेल को गूगल सर्च पर बदल दिया था।

इसके बाद जब लोगों ने इस नंबर पर कॉन्टैक्ट किया तो उनसे पर्सनल डिटेल्स मांगी गई, जिसके बाद उनके साथ धोखा होने की रिपोर्ट है।

क्यों शामिल किया था गूगल ने यह फीचर

गूगल ने कॉन्टैक्ट डिटेल्स को एडिट करने की सुविधा इसलिए दी थी, ताकि लोग दुकानों, बैंक व अन्य संस्थाओं की डिटेल्स को खुद बदल सकें।

इसे गूगल की सर्विस को बेहतर बनाने के लिए दिया गया था, लेकिन किसे पता था कि चोर इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगा देंगे।

इन तीनों मामलों की जानकारी गूगल को भी दी गई है। हालांकि, गूगल मैप्स में एडिट का फीचर अभी भी मौजूद है।

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