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अब चीन से कर्ज लेने की तैयारी कर रहा वित्तीय संकट में घिरा पाकिस्तान

पाकिस्तान ने 2.7 अरब डॉलर का कर्ज मांगने का फैसला किया

नई दिल्ली: पाकिस्तान ने चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के मेनलाइन-1 प्रोजेक्ट के पैकेज-1 के निर्माण के लिए चीन से 2.7 अरब डॉलर का कर्ज मांगने का फैसला किया है। यह कर्ज ऐसे वक्त पर मांगा जा रहा है कि जब पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था दिवालिया होने के कगार पर है और महामारी ने हालात और भी गंभीर बना दिए हैं।

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि मेनलाइन-1 परियोजना पर वित्तपोषण समिति की छठी बैठक में फैसला किया गया कि चीन से शुरुआती तौर पर पाकिस्तान 6.1 अरब डॉलर की चीनी फंडिंग में से सिर्फ 2.73 अरब डॉलर के कर्ज को स्वीकृति देने का अनुरोध करेगा।

एमएल-1 परियोजना में पेशावर से कराची तक 1,872 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक का अपग्रेडेशन और दोहरीकरण शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने अगले हफ्ते चीन को औपचारिक आशय पत्र भेजने का फैसला किया है, क्योंकि चीन में अगले वर्ष की वित्तपोषण योजना को इस महीने के अंत तक अंतिम रूप देने का अनुमान है।

अप्रैल में कर्ज के लिए टर्म शीट पर हुए दस्तखत सूत्रों के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि इस साल अप्रैल में पाकिस्तान ने चीन से कर्ज के लिए एक टर्म शीट पर दस्तखत किए थे। इसके तहत एक प्रतिशत की ब्याज दर पर कर्ज देने की मांग की गई।

हालांकि, चीन की ओर से अब तक औपचारिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से कहा, ब्याज दर टर्म शीट में लिखी दर से ज्यादा होनी चाहिए।

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