छत्तीसगढ़

अब आंगनबाडिय़ों को गोद ले सकेंगे लोग

राजनांदगांव : नगरीय निकायों की आंगनबाडिय़ों के लिए एडाप्ट द आंगनबाड़ी कैंपेन चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सेवाभावी लोग एक आंगनबाड़ी गोद ले सकेंगे। इस आंगनबाड़ी में जिला प्रशासन की ओर से दी जा रही सुविधाओं के अतिरिक्त दूध जैसे पौष्टिक पदार्थ, खिलौने अथवा अन्य नवाचार का खर्च सेवाभावी लोग उठाएंगे।
कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि, ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी में सरपंचों से बच्चों को दूध पिलाने का आग्रह किया गया था, जिसे अधिकांश पंचायतों में शुरू कर दिया गया। इसके अच्छे नतीजे आए हैं। इससे उत्साहित होकर जिला प्रशासन ने एडाप्ट द आंगनबाड़ी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा सेवाभावी लोग अक्सर सार्वजनिक भेंट के लिए आते हैं और जनकल्याणकारी कार्य करने की इच्छा जताते हैं। जनकल्याण की इस ऊर्जा का उपयोग कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करने हमने एडाप्ट द आंगनबाड़ी कैंपेन चलाने का निर्णय लिया। एक आंगनबाड़ी को एडाप्ट करने में लगभग दो हजार रुपए का खर्च आएगा। इसमें बच्चों को दूध और अन्य पौष्टिक सामग्री दी जा सकेगी। सेवाभावी लोग खुद आंगनबाड़ी में यह करेंगे। यदि उनके पास इसके लिए उपयुक्त समय नहीं है तो वे अभियान के लिए बनाए गए बैंक एकाउंट में पैसे डाल सकेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि, राजनांदगांव नगर में ही 156 आंगनबाड़ी कार्यरत है। यदि शहर के 156 सेवाभावी ही निर्णय लें तो शहर के भीतर हर आंगनबाड़ी को गोद लेकर उसे मॉडल आंगनबाड़ी की तरह विकसित कर सकते हैं। बच्चों के लिए काम करने का मौका मिल रहा है तो इसमें निश्चित ही नगर के सेवाभावी रुचि लेंगे।

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