अब मासूम सानिया का सपना डीआईजी बनने का है

अब मासूम सानिया का सपना डीआईजी बनने का है

 रायपुर : किडनी की बिमारी से ग्रसित मासूम सानिया साहू का श्री बालाजी हॉस्पिटल में सफलरूप से किडनी ट्रांसप्लांट कर लिया गया है. पेरिटोनियल डायलिसिस से पीड़ित बेबी सानिया का केस दुनिया का 6 वाँ और भारत का पहला किडनी ट्रांसप्लांट का केस है.

मासूम सानिया का किडनी ट्रांसप्लांट 20 डाक्टरों की टीम ने किया था इसके लिए देश के कई जाने माने चिकित्सक रायपुर आये हुए थे. इस मासूम की किडनी ट्रांसप्लांट का पूरा खर्चा श्री बालाजी हॉस्पिटल ने उठाया था.

इसके लिए हॉस्पिटल प्रबंधन ने परिजनों से किसी तरह की कोई राशी नहीं ली थी. सानिय साहू की किडनी ट्रांसप्लांट के बाद इस पुरे केस के बारे में हॉस्पिटल के डायरेक्टर ने देवेन्द्र नायक ने जानकारी दी.

देवेन्द्र नायक ने बताया कि 20 डाक्टरों की टीम ने लगातार एक हफ्ते तक मासूम को अपनी निगरानी में रखे हुए थे. उन्होंने बताया कि ये देश का पहला केस था ऐसे में कई तरह की दिक्कते आई थी और एक रिस्क भी था.

डॉ. देवेन्द्र नायक की माने तो सानिया के बारे में जब उन्हें पता चला तो उन्होंने ठान लिया था की इस बच्ची के इलाज का खर्चा उनका हॉस्पिटल ही उठाएगा.

वहीँ सानिया को एक दिन का टीआई बनाकर उस मासूम का सपना पूरा करने वाले रायपुर पुलिस के आईजी प्रदीप गुप्ता ने भी अपने अनुभव साझा किये.

आईजी ने बताया कि जब से उन्हें इस मामले की जानकारी मिली थी उसके बाद से रायपुर पुलिस के हर अधिकारी कर्मचारी ने बच्ची की इलाज में सहयोग देने के लिए जिससे जितना बन पड़ा उतना मदद किया गया.

आईजी ने कहा कि वो भी किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से लगातार डॉक्टरों से चर्चा कर रहे थे. वहीँ मासूम सानिया ने मीडिया से बातचित में उन सभी लोगों का आभार जताया है जिन्होंने उसकी इलाज में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया है.

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