अब ट्रेन में खानपान से जुड़ी शिकायतों का मैनेजर कैप्टन करेंगे अगुवाई

नाईम खान :

बिलासपुर : खानपान से जुड़ी शिकायतों की सूचना देने के लिए अब यात्रियों को ट्रेन में ड्यूटीरत आइआरसीटीसी के मैनेजर को ढूंढना नहीं पड़ेगा।

हर ट्रेन में इनके लिए एक सीट निर्धारित रहेगी। सीट का आवंटन ट्रेन कैप्टन (वरिष्ठ टीटीई) करेंगे। वे मैनेजर कैप्टन को रिपोर्टिंग करेंगे।

रेलवे बोर्ड की इस व्यवस्था के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सात ट्रेनों के लिए आइआरसीटीसी ने सीसीएम को पत्र लिखा है।

रेलवे बोर्ड संरक्षा व सुरक्षा के साथ – साथ खानपान पर खास जोर दे रहा है। यात्री चाहे तो जरा से खामियों की शिकायत मोबाइल, एसएमएस व हेल्पलाइन नंबर और ट्विटर के माध्यम से भी कर सकते हैं।

इसके अलावा जिन ट्रेनों की पेट्रीकार आइआरसीटीसी के जिम्मे हैं, उनमें वे मैनेजर की ड्यूटी लगाते हैं। मैनेजर प्रारंभिक स्टेशन से तय दायरे तक पेंट्रीकार की जांच करता है।

इसके अलावा खानपान की क्वालिटी भी परखते हैं। यह व्यवस्था पहले से थी। लेकिन ज्यादातर यात्री अपनी शिकायत ट्रेन में नहीं दर्ज करा पाते थे।

मैनेजर के लिए अब तक कोई जगह तय नहीं थी। इसे देखते हुए बोर्ड ने तय किया है कि हर ट्रेन में आइआरसीटीसी के मैनेजर मौजूद रहेंगे।

उनके लिए एक जगह भी निर्धारित होगी। हालांकि यह तय नहीं है कि कौन से कोच के किस बर्थ को उनके लिए चिंहित किया जाएगा। यह उसी समय ट्रेन के कैप्टन तय करेंगे।

मालूम हो कि हाल ही में रेलवे बोर्ड के आदेश में ट्रेन कैप्टन की नई पालिसी की शुरुआत की गई है। कैप्टन उसे नियुक्त किया जाता है जो उस ट्रेन में ड्यूटीरत सभी टीटीई से सबसे वरिष्ठ है।

एक तरह वह ट्रेन के इंचार्ज होते हैं। उनके अंडर एसी अटेंडर, सफाई कमाई व अन्य टीटीई सभी होते हैं। इन सभी कर्मचारियों को निर्देश है कि वह ड्यूटी में पहुंचते ही कैप्टन को रिपोर्टिंग करेंगे।

जोन की इन ट्रेनों में होगी व्यवस्था

0 12823/24 संपर्कक्रांति एक्सप्रेस
0 18237/ 38 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
0 12549 / 50 दुर्ग – जम्मूतवी एक्सप्रेस
0 12851-52 चेन्नई एक्सप्रेस
0 12069/ 70 जनशताब्दी एक्सप्रेस
0 22867/ 68 हमसफर एक्सप्रेस
0 08791/ 92 दुर्ग- जम्मूतवी एक्सप्रेस

व्यवस्था में होगी सुधार

रेलवे बोर्ड की इस नई योजना से ट्रेनों की खानपान व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। इस संबंध में आदेश आने के बाद जोन कार्यालय में सीसीएम को पत्र लिखकर सीट देने के लिए मांग की है।

उनसे यह आग्रह किया गया है कि सीट का आवंटन ऐसी जगह पर करें जिससे पेंट्रीकार से लगा हो। इससे बेहतर मानिटरिंग हो सकती है।

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