टेक्नोलॉजीराष्ट्रीय

अब SMS के जरिये कर सकते हैं GST रिटर्न, जानें कैसे मिलेगा नई सर्विस का लाभ

पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग कर एसएमएस के जरिये फाइल कर सकते हैं रिटर्न

मोदी सरकार

ने टैक्स भरने वालों को राहत देने के लिए एक नई सुविधा शुरू की है. अब आप अपना मासिक जीएसटी रिटर्न एसएमएस के जरिये भी भर सकते हैं, लेकिन ये सुविधा सभी के लिए नहीं होगी, बल्कि शून्य जीएसटी (GST) होने पर ही मासिक रिटर्न एसएमएस के जरिये जमा किया जा सकेगा. वे करदाता जो शून्य जीएसटी रिटर्न भरते थे उन्हें जीएसटीआर-3 बी (GSTR-3 B) फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी.

नए प्रावधान से करीब 22 लाख करदाताओं को लाभ पहुंचेगा. वित्त मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि करदाताओं की सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने शनिवार को एसएमएस के जरिए FORM GSTR-3B में NIL GST मासिक रिटर्न दाखिल करने की मंजूरी दी है.

पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग कर एसएमएस के जरिये फाइल कर सकते हैं रिटर्न

मोदी सरकार (Modi Government) के इस कदम से 22 लाख पंजीकृत करदाताओं के लिये जीएसटी का अनुपालन करना सरल होगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें साझा पोर्टल पर अपने एकाउंट पर ‘लॉग इन’ करना होता उसके बाद हर महीने रिटर्न फाइल करना होता. शून्य रिटर्न आगामी महीने की पहली तारीख को 14409 पर एसएमएस- कर भेजा जा सकता है. इस सुविधा के तहत जिन इकाइयों का फार्म जीएसटी-3बी में सभी सारणी में शून्य या कोई ‘एंट्री’ नहीं है, वे पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग कर एसएमएस के जरिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं. उक्त रिटर्न का सत्यापन पंजीकृत मोबाइल नंबर आधारित वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सुविधा के जरिये होगा.

सीबीआईसी ने कहा कि जिन करदाताओं की देनदारी शून्य है, उन्हें जीएसटी पोर्टल पर ‘लॉग ऑन’ करने की जरूरत नहीं है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर सीमा शुल्क बोर्ड ने केंद्रीय जीएसटी नियमों में नया नियम पिछले महीने पेश किया था. इसके तहत शून्य रिटर्न एसएमएस सुविधा के जरिये भरने की अनुमति करदाताओं को दी गयी थी. सीबीआईसी ने कहा कि जीएसटीएन पोर्टल पर तत्काल प्रभाव से शून्य फार्म जीएसटीआर-3बी भरने के तरीके के बारे में जानकारी उपलब्ध है. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 1.22 करोड़ इकाइयां पंजीकृत हैं.

Tags

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
%d bloggers like this: