SCO की मीटिंग में शामिल हुए NSA अजीत डोभाल, आतंकवाद पर साधा निशाना

क्षेत्रीय और वैश्विक हित को लेकर चर्चा हुई

delhi; भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में चल रही शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पाकिस्तान समेत सदस्य देशों के NSA भी शामिल हुए। डोभाल ने रूस के NSA निकोलई पैत्रुशेव के साथ अलग से 2 घंटे तक बैठक की। रूस के साथ चली दो घंटे की बैठक में डोभाल और पैत्रुशेव के बीच दोनों देशों के मुद्दे, क्षेत्रीय और वैश्विक हित को लेकर चर्चा हुई। इसके इतर उन्होंने एक जॉइंट प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए।

सदस्य देशों के एनएसए हुए शामिल

बैठक में भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के NSA ने भी हिस्सा लिया। इसमें शामिल देशों के प्रतिनिधियों को ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति रहमान ने संबोधित किया। इस दौरान पाकिस्तान के NSA मोईद यूसुफ भी शामिल हुए।

आतंकवाद के खिलाफ कारवाई का रखा प्रस्ताव

बैठक के दौरान डोभाल ने लश्कर और जैश के खिलाफ कार्य योजना का प्रस्ताव रखा। साथ ही पाकिस्तान का बिना नाम लिए उस पर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा उन्होंने एससीओ और एफएटीएफ के बीच एक समझौता ज्ञापन सहित आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने पर जोर दिया। आतंकवाद के बाद उनकी ओर से डार्क वेब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी चर्चा की गई।

भारत पाकिस्तान की नहीं हुई कोई अलग से बात

भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक ही बैठक में शामिल हुए, लेकिन उनके बीच निजी स्तर पर कोई बात नहीं हुई। डोभाल और युसूफ के जो मुद्दे थे, दोनों ने उसे बैठक में सबके सामने रखा। इसके बाद अफगान एनएसए हमदुल्ला मोहिब ने अफगानिस्तान में उभरती स्थिति सहित प्रमुख क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को रखा। आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर में पाकिस्तानी प्रतिनिधि द्वारा कश्मीर के गलत नक्शे को दिखाने के बाद डोभाल एससीओ की वर्चुअल बैठक से अलग हो गए थे।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

SCO में शामिल सभी देशों के NSA ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, उग्रवाद, अलगाववाद, कट्टरवाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अपराध, हथियार और ड्रग्स की तस्करी पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने, आधुनिक दुनिया के खतरों और चुनौतियों से निपटने के लिए एंटी टेरर स्ट्रक्चर बनाने पर जोर दिया। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच विश्वसनीय सूचना सुनिश्चित करने, साइबर अपराध के खिलाफ मिलकर लड़ने और कोरोना महामारी में बायोलॉजिकल और फूड सिक्योरिटी के मुद्दे पर चर्चा हुई।

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