101 पहुंची डायरिया पीड़ितों की संख्या, दर्राभाठा के सभी हैंडपंप सील

अजय शर्मा :

बिलासपुर : दर्राभाठा में डायरिया फैलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। गुरुवार तक गांव के 101 लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। स्थिति को देखते हुए गांव के सभी हैंडपंप को सील कर दिया गया है। गांव में पानी की सप्लाई एनटीपीसी के टैंकर से की जा रही है।

दर्राभाठा में पिछले तीन दिनों से डायरिया फैला हुआ है। सोमवार को गांव के एक हैंडपंप का पानी पीने से 34 लोग बीमार पड़ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ितों की जांच कराई।

इसमें सभी को डायरिया होने की पुष्टि हुई। तब गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया। अब भी पीड़ितों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गुरुवार तक डायरिया के 101 मरीज मिल चुके हैं। स्थिति संभालने के लिए गांव के सभी हैंडपंप को सील कर दिया गया है और पानी की व्यवस्था एनटीपीसी से की जा रही है।

डोर टू डोर सर्वे शुरू

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम का डोर टू डोर सर्वे शुरू हो गया। इस दौरान उल्टी-दस्त की शिकायत वाले कई लोग मिले। उनके उपचार की व्यवस्था की जा रही है। ग्राम पंचायत भवन को अस्थाई अस्पताल में तब्दील किया गया है। वहां गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

नहीं मिल रही सुविधा

ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी फैलने के बाद भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। दवाई के नाम पर सिर्फ ओआरएस का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा मरीजों को ग्लुकोज की बाटल चढ़ाई जा रही है। जरूरी दवा नहीं मिलने से मरीजों को राहत नहीं मिल रही है।

नौ की हालत बिगड़ी

गुरुवार को नौ और ग्रामीणों की हालत बिगड़ गई। इनमें से चार को सीपत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। अन्य पांच को जिला अस्पताल भेजा गया है। इससे पहले भी गांव 20 से ज्यादा लोग जिला अस्पताल और सिम्स भेजे गए हैं।

गुरुवार तक दर्राभाठा में 101 डायरिया पीड़ित मिले हैं। प्रकोप को देखते हुए सभी हैंडपंप को सील कर दिया गया है। एनटीपीसी के टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

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