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वर्ष 2017 में बढ़ी विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या

देश में विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2017 तक ऐसे डिफॉल्टर्स की संख्या 1.66 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यह जानकारी सरकार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है। विलफुल डिफॉल्टर ऐसे लोग होते हैं, जो कर्ज चुकाने की स्थिति में तो होते हैं, लेकिन चुकाते नहीं हैं।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए बताया कि सरकारी बैंकों से लिए हुए कर्ज की राशि 1,101,050 करोड़ रुपये है।

शुक्ला ने बताया कि विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या 9,063 करोड़ रुपये थी। जो चालू वित्त वर्ष के शुरूआती 9 महीनों के दौरान 1.66 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

आरबीआई के नियमानुसार ऐसे विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ दंड और आपराधिक कार्रवाई करने का अधिकार है।

वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि नियामक सेबी ने विलफुल डिफॉल्टर्स के लिए कुछ नियम भी जारी किए हैं, क्योंकि प्रमोटर्स और डिफॉल्टर्स फंड जुटाने को कैपिटल मार्केट तक अपनी पहुंच आसानी से बना रहे हैं।

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