ज्योतिष

अंक शास्त्र उपयोगिता और शेयर बाजार में निवेश

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री 8178677715

वैदिक ज्योतिष शास्त्र को वेदों का नेत्र कहा गया है। फलित ज्योतिष को इन नेत्रों की ज्योति कहा जा सकता है। जिस प्रकार नेत्रों की वाणी नहीं होती, परन्तु उन्हें मूक भी नहीं कहा जा सकता। नेत्र कुछ ना कह कर भी बहुत कुछ कहते है।

भविष्य में जीवन की घटनाओं का मार्गदर्शन फलित ज्योतिष के माध्यम से किया जा सकता है। यह एक अद्भुत और चमत्कारिक परिणाम देने वाली विद्या है। इसी विद्या की तरह अंक ज्योतिष भी अपने आप में एक विशेष स्थान रखती है।

अंक ज्योतिष अपने नाम के अनुरुप फल देती है। इसमें अंकों के आधार पर व्यक्ति की जीवन का फलादेश और मार्गदर्शन करती है। अंक ज्योतिष ने अनेकों वर्षों से, लाखों व्यक्तियों के जीवन को सुखमय किया है।

इसके सहयोग और मार्गदर्शन से जाने कितने लोग सफलता और उन्नति प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ चुके है। इसके सिद्धांतों का पालन कर व्यक्ति अपने नाम, अपने व्यावसायिक स्थल, प्रतिष्ठान, फोन नं, घर का नंबर और वाहन नंबर प्रयोग कर मनोनूकुल फल प्राप्त कर सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि यह विद्या सरल, सहज और प्रयोग में व्यवहारिक है। पाराशरी ज्योतिष विद्या से फलादेश करना सभी के लिए संभव नहीं है, परन्तु अंक ज्योतिष विद्या का प्रयोग सामान्यजन भी थोड़े से प्रयास से कर सकता है।

सामान्यत: देखने में आता है कि व्यक्ति सफलता प्राप्त करने के लिए अनेक मार्ग अपनाता है। एक साथ वह कई मार्गों से प्रयास भी करता है, जिसमें से कुछ में उसे पूर्ण और कुछ में उसे आंशिक सफलता प्राप्त होती है।

इसी प्रकार यह भी देखने में आता है कि व्यक्ति धन प्राप्ति के लिए नौकरी करता है, व्यापार भी करता है और शेयर बाजार में धन निवेश कर जोखिम लेकर शीघ्र धन कमाने का प्रयास भी करता है। भाग्य को आजमाना व्यक्ति कभी नहीं छोड़ सकता, इसी श्रेणी में शेयर बाजार में निवेश आता है।

इस तरह के प्रयास व्यक्ति की कुंडली में स्थिति ग्रहों की स्थिति, गोचर, दशा और योग से प्रभावित होते है। ग्रहों का प्रभाव अनुकूल हो तो व्यक्ति को सफलता अर्जित होती है और इसके विपरीत होने पर परिणाम भी प्रतिकूल ही प्राप्त होते है।

अनुकूल परिणाम होंसला बढ़ाते है और प्रतिकूल परिणाम व्यक्ति को निराश कर, हताश कर देते हैं, जिसमें कई बार व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेता है, जो सभी नहीं होता। फिर भी कभी सफलता और कभी असफलता के झूले में झूलते हुए वह सदैव सफलता की चाह रखता है, यह किस प्रकार संभव है कि अंक ज्योतिष का प्रयोग करते हुए व्यक्ति निवेश करें तो उसके परिणाम उसके लिए अनुकूल अधिक और प्रतिकूल कम रहें। अंक ज्योतिष का प्रयोग कर शेयर बाजार निवेश में लाभ प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। आईये जानें कि कैसे-

अंक शास्त्र पूर्ण रुप से मूलांक, भाग्यांक और नामांक पर कार्य करता है। इसलिए इस विद्या में इन तीनों का अत्यधिक महत्व है। अपने मूलांक, भाग्यांक और नामांक को ध्यान में रखते हुए यदि कोई व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश करता है तो उसे अद्भुत सफलता मिल सकती है। आगे बढ़ने से पूर्व हम इन तीनों तथ्यों को समझने का प्रयास करते हैं –

मूलांक, भाग्यांक और नामांक गणना विधि

मूलांक कैसे निकालें

व्यक्ति की जन्म तिथि ही मूलांक का अंक होती है। यह सर्वविदित है कि किसी भी व्यक्ति का जन्म 1 से लेकर 31 तारीख के मध्य ही हो सकता है। मूलांक निकालते समय माह और वर्ष को इस गणना में शामिल नहीं किया जाता है। इसलिए जन्म तिथि 1 से 31 के मध्य ही हो सकती है।

मानिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 25 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 2+5=7 हुआ। अंक ज्योतिष में अंक केवल 1 से 9 के प्रारुप में ही प्रयोग किये जाते है। दो अंकों की संख्याओं को एक अंक (1 से 9 के रुप में परिवर्तित कर लिया जाता है)।

इसे एक और उदाहरण से समझते है। मानिए किसी वय्क्ति का जन्म 13-12-1950 को होता है तो 13 उसका मूलांक हुआ। परन्तु हम जानते है कि मूलांक 1 से 9 के मध्य की संख्या ही हो सकती है अत: इस संख्या को आपस में जोड़ना होगा। 1+ ३ = 4 हुआ। इस प्रकार शुद्ध मूलांक 4 है।

भाग्यांक कैसे निकालें

भाग्यांक की गणना करते समय जन्मतिथि, माह और वर्ष संख्या का योग किया जाता है। जैसे – जन्म तिथि 13-12-1950 है तो इसका योग = 1+3+1+2+1+9+5+0=22 = 2+2
= 4 इसका भाग्यांक हुआ।

नामांक कैसे निकाले

नामांक से अभिप्राय: अर्थात नाम के वर्णॊं के अंकों का योग होता है। नामांक गणना करने की एक से अधिक विधियां प्रचलित है। जिसमें मुख्य रुप से तीन विधियों का वर्णन हम यहां करने जा रहे है।

ये तीन विधियां इस प्रकार हैं-

प्रथम विधि – कीरो पद्वति द्वितीय पद्वति पाईथागोरस पदवति और तृतीय पद्वति सेफेरियल है। आईये इन तीनों पद्वतियों को समझने का प्रयास करते हैं-

कीरो पद्वति अंग्रेजी वर्ण माला के एल्फाबेट्स पर आधारित है। इस विधि में ए से लेकर जेड तक के एल्फाबेट्स को अंक निश्चित किए गए है। अंक और अंग्रेजी वर्णमाला वर्ण निम्न है।
A =1, B=2, C=3, D=4, E-5, F=8, G=3, H=5, I=1, J=1, K=2, L=3, M= 4), N=5, O=7, P=8, Q=1, R =2, S=3, T=4, U=6, V=6, W=6, X=5, Y=1, Z=7

व्यक्ति के नाम में जो भी वर्ण आते हैं, उनका योग (एक अंक के रुप में) कीरो पद्वति से नामांक होगा।

पाईथोगोरस पद्धति में अंग्रेजी के एल्फाबेट्स को भिन्न अंक प्रदान किए गये। नामांक निकालने की शेष प्रक्रिया एक समान है।
इस पद्वति के अनुसार एल्फाबेट्स के अंक निम्न हैं-
A =1, B=2, C=3, D=4, E=5, F=6, G=7, H=8, I=9, J=6, K=2, L=1, M=3, N=4, O=5, P= 6, Q=7, R = 8, S=9, T=1, U=2, V=7, W=5, X=3, Y= 4, Z=5

और सेफेरियल पद्वति भी अंग्रेजी वर्णमाला के वर्णों के अंकों पर आधारित है। यह उपरोक्त दोनों विधियों से भिन्न है। इसमें वर्णॊं को दिए गए अंक निम्न हैं-
A=1, B=2, C=2, D=4, E=5, F=8, G=3, H=8, I =1), J = 1, K= 2, L=3, M=4, N=5, O=7, P=8, Q=1, R=2, S=3, T=4, U=6, V=6, W=6, X=6, Y=1, Z=7

उपरोक्त सभी पद्वतियों से नामांक निकाला जा सकता है और प्रयोग में लाया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति के एक से अधिक नाम प्रचलित है और उनका नामांक निकालना हो तो सभी नामों के लिए एक ही विधि का प्रयोग करना चाहिए। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति अपने नाम, व्यापारिक संस्थान, घर का नंबर और फोन नंबर का नामांक निकालते है तब भी सभी विषयों के लिए एक ही विधि का प्रयोग करना चाहिए। नाम के लिए अलग और व्यापारिक संस्थान के लिए अलग विधि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कीरो पद्वति से किसी व्यक्ति का नामांक इस प्रकार निकाला जा सकता है।

A R U N K U M A R B A N S A L
1+2+6+5+ 2+6+4+1+2 + 2+1+5+3+1+3 = 44=4+4=8
इस प्रकार उपरोक्त जातक का नामांक 8 होगा।

शेयर बाजार निवेश और अंक ज्योतिष

शेयर बाजार में निवेश करते समय अंक ज्योतिष का प्रयोग करने के लिए सबसे पहले जातक का नामांक निकाला जाएगा। तथा जिस कंपनी में जातक निवेश करना चाहता है उस कम्पनी के नाम का नामांक निकाला जाएगा। दोनों नामांक निकालने के लिए उपरोक्त तीनों विधियों में से किसी भी एक विधि का चयन किया जा सकता है।

परन्तु दोनों के लिए एक समान विधि का प्रयोग ही करना होगा। भिन्न विधियों का प्रयोग करने पर फलादेश त्रुटिपूर्ण हो सकता है। उदाहरण के लिए उपरोक्त जातक यदि स्टील अथोरिटी आफ इंडिया कम्पनी में निवेश करने का सोच रहा है तो उसके नाम का नांमाक और कम्पनी के नाम का नामांक का प्रयोग निम्न प्रकार से कर सकते हैं-

माना SAIL कंपनी का नामांक निकालना है तो –
S+A+I+L
3+1+1+3 = 8 नामांक होगा।

यहां जातक का नामांक और निवेश करने की कम्पनी का नामांक दोनों एक ही आए है। इसके बाद यह देखना होगा कि जातक का मूलांक, भाग्यांक और नामांक तीनों में मित्रता होनी चाहिए।
अंकानुसार ग्रह अंक मित्रता शत्रुता तालिका निम्न है –

तालिका-1
अंक स्वामी ग्रह मित्रांक समांक शत्रु अंक
1 सूर्य 4,8 2,3,7,9 5,6
2 चंद्र 7,9 1,3,4,6 5,8
3 गुरु गुरु 1,2,5,7 4,8
4 राहु 1,8 2,6,7,9 3,5
5 बुध 3,9 1,6,7,8 1,9
6 शुक्र 3,9 2,4,5,7 1,8
7 केतु 2,6 3,4,5,8 1,9
8 शनि 1,4 2,5,7,9 3,6
9 मंगल 3,6 2,4,5,8 1,7

उपरोक्त तालिका का प्रयोग करते हुए स्वयं के मूलांक, भाग्यांक और नामांक और कम्पनी (जिसमें निवेश करना चाहते हैं) का नामांक – सभी की आपसी में मित्रता होना लाभ देगा और इसके विपरीत होने पर नुकसान के संकेत मिलते है।

इन अंकों में यदि एक में मित्रता और अन्य में शत्रुता हो तो तब भी परिणाम विपरीत ही अधिक आयेंगे। नामांक और मूलांक की मित्रता कम्पनी के नामांक से मित्रवत होने पर लाभ मध्यम और तीनों अंकों की कम्पनी के नामांक से मित्रता अत्यधिक शुभ और लाभप्रद निवेश की सूचक होती है।
उत्पादों के अनुसार भी ग्रहों को अंक निर्धारित किए गये है, इसकी तालिका निम्न है –

तालिका-2
अंक 1 2 3 4 5 6 7 8 9
ग्रह सूर्य चंद्र गुरु राहु बुध शुक्र केतु शनि मंगल
क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम औषधी बैंकिग सूचना प्रौद्योगिकी दूरसंचार वाहन तेल भारी उद्योग विद्युत्,भवन निर्माण

प्रथम तालिका से मित्रता संबंध आने पर द्वितीय तालिका का प्रयोग करना चाहिए। इसमें भी अनुकूलता होने पर ही निवेश करना चाहिए। शत्रु अंकों में निवेश करने से बचना ही समझदारी होगी।
इस प्रकार हम देखते है कि यदि व्यक्ति अंक ज्योतिष का प्रयोग करते हुए बुद्धिमानी से शेयर बाजार में निवेश करता है तो निश्चित रुप से उत्तम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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