पोषण अभियान : विभागों के बीच प्रभावी तालमेल से कुपोषण दूर करने का प्रयास

पंचायतों और आंगनबाड़ी केन्द्रों तक पुस्तक के माध्यम से पहुंचायी जाएगी योजनाओं की जानकारी

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की अध्यक्षता में विभागों के मध्य प्रभावी अभिसरण के लिए हुई चर्चा

रायपुर 08 जनवरी 2021 : छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से कुपोषण मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इन प्रयासों और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की अध्यक्षता में गुरूवार को विभिन्न सहयोगी विभागों की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि एवं उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, नगरीय प्रशासन विभाग के नोडल अधिकारियों सहित यूनिसेफ और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयासों, अपसी-तालमेल और सहयोग से लक्ष्य प्राप्ति के लिए रणनीति बनायी गई।

राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच महत्वपूर्ण योजनाओं का संकलन एक पुस्तिका के रूप में किये जाने पर सहमति बनी, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र एवं ग्राम पंचायत स्तर और वहां से आम जनता तक जानकारी पहुंचायी जा सके। पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के पोषण पर उन्मुखीकरण प्रशिक्षण की तरह नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण में भी पोषण विषय को सम्मिलित करने पर विचार किया गया।

21 अक्टूबर 2020 को आयोजित बैठक

बैठक में बताया गया कि 21 अक्टूबर 2020 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अभिसरण के तहत गृह आधारित बच्चों की देखभाल कार्यक्रम के संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन द्वारा संयुक्त गृहभेंट करने ,आईसीडीए और स्वास्थ्य पर्वेक्षकों द्वारा सहयोगात्मक पर्यवेक्षण सहित परियोजना तथा जिला स्तर पर संयुक्त बैठक और संयुक्त भ्रमण संबंधी निर्देश सचिव स्तर पर जारी कर दिये गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मध्य डाटा शेयरिंग की कार्यवाही की जा रही है।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों चिरायु, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम ,पोषण पुनर्वास केंद्रों में कुपोषित बच्चों के दाखिले और फॉलो अप के संबंध में प्रभावी समन्वय संबंधी रणनीति पर चर्चा की गई। उद्यानिकी विभाग के समन्वय से आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक स्थान और हितग्राहियों के निवास में पोषण वाटिका निर्माण को बढ़ाने की रणनीति तय की गई, जिससे बच्चों एवं माताओं को स्थानीय स्तर पर ही पौष्टिक फल एवं सब्जियां प्राप्त हो सके।

इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग के विभागीय अमले का पोषण पर संवेदीकरण, पोषण संबंधी विषयो पर ऑनलाईन प्रतियोगिताओं, शाला त्यागी बालिकाओं की जानकारी का सत्यापन,पुनः शाला प्रवेश, आयरन फोलिक एसिड वितरण के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा अधिक से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में शीघ्र शुद्ध पेयजल आपूर्ति और स्वच्छ भारत मिशन के स्वच्छताग्राही समूहों के उन्मुखीकरण पर विचार किया गया। बैठक में यूनिसेफ सहित अन्य स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदेश में कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यो पर प्रकाश डाला।

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