दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्युदर के मामले में ओडिशा सबसे आगे

यही दर ओडिशा में 44 व्यक्ति प्रति 100 दुर्घटना है।

भुवनेश्वर।
भारत में सबसे ज्यादा लोग चलते-फिरते मौत के शिकार हो जाते हैं। देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्युदर के मामले में ओडिशा राष्ट्रीय दर से काफी आगे निकल गया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर 100 सड़क दुर्घटनाओं में 29 लोगों की जान जाती है, जबकि यही दर ओडिशा में 44 व्यक्ति प्रति 100 दुर्घटना है।

सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर के मामले में ओडिशा का देश में एक नंबर पर आना चिंता का विषय है।
राधाकृष्णन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 में पूरे भारत में 1.48 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई थी।

इस समयावधि के दौरान ओडिशा में 4,800 लोगों की जान सड़क हादसों में गई।

सड़क दुर्घटना के कारण व निवारण को लेकर केंद्र सरकार ने 2014 में राधाकृष्णन कमेटी का गठन किया था।

इस कमेटी ने सड़क दुर्घटनाओं के विभिन्न कारणों की समीक्षा की है।

कमेटी ने बार-बार दुर्घटना होने वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां जागरूकता के लिए विशेष प्रबंध करने की आवश्यकता बताई है।

नेशनल सेंटर फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स एंड एन्वॉयरमेंट (एनसीएचएसई) का एक विश्लेषण चौंकाने वाला है।

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा उप्र में सामने आया है।

वर्ष 2017 में भारत में 9000 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई, जो कुल मौत का 6.4 फीसद है।

इनमें सबसे ज्यादा उप्र और सिक्किम में 11.5 फीसद बच्चों की जान चली गई।

मप्र में ये आंकड़ा 9.5 फीसद है। वर्ष 2017 में मप्र के भीतर हुए सड़क हादसों में 962 बच्चों की मौत हुई थी।

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