ओडिशा का कुख्यात अपराधी शेख हैदर की पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से मौत

अपराधी की पत्नी ने पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए

ओडिशा:कटक के चौउदर जेल से मयूरभंज के बारीपदा जेल में शिफ्ट करने के लिए ले जा रहे 1990 दशक के कुख्यात अपराधी शेख हैदर ने बीच रास्ते में पेशाब करने के बहाने से भागने की कोशिश की. इस दौरान वह पुलिस द्वारा एनकाउंटर में पेट में गोली लगने से मारा गया.

हैदर की पत्नी ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल

एनकाउंटर पर बात करते हुए हैदर की पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, ‘मेरा पति जेल में था, उसे कब और क्यों बाहर लाया गया इसकी हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. पुलिस ने मेरे पति को दोनों हाथों में हथकड़ी डालकर गोली मारी. मेरा पति भागने वालों में से नहीं था.’

हैदर की विधवा पत्नी ने सवाल उठाया कि आम तौर पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश करने पर पुलिस कैदी के पैरों में गोली मारती है. किसी को भी दिल और सिर पर गोली नहीं मारी जाती. उन्होंने इसके लिए जेलर और अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया.

पत्नी ने बताया कि हैदर पिछले 16 साल से जेल में था. एकबार उसने कटक जिले के एससीबी मेडिकल कॉलेज से भागने की कोशिश की थी, उसके बाद से पत्नी ने हर एक जांच प्रक्रिया में पुलिस का साथ दिया और हैदर फिर गिरफ्तार हुआ था.

पुलिस कमिश्नर सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि कुख्यात अपराधी हैदर को शनिवार को कटक जिले के चौधवार जेल से मयूरभंज जिले के बरीपदा जेल में शिफ्ट किया जा रहा था. इस दौरान बीच रास्ते में सिमुलिया के आस-पास पेशाब का बहाना कर उसने पुलिस से बंदूक छीन कर भागने की कोशिश की. तभी पुलिस ने हैदर को चेतावनी देते हुए एनकाउंटर किया. हैदर ने बालासोर के अस्पताल में इलाज से पहले ही दम तोड़ दिया.

बालासोर अस्पताल के एडीएमओ ने कहा कि हैदर नामक मरीज को अस्पताल में गंभीर अवस्था में लाया गया. इस दौरान इलाज शुरू करने से पहले 4-5 मिनट के अंदर ही उसने दम तोड़ दिया. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट रविवार शाम तक आएगी और उसके बाद ही साफ होगा कि एनकाउंटर के दौरान हैदर को कितनी गोली लगी थी.

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