‘लाभ’ पर दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में भी ऐक्शन?

छत्तीसगढ़ में विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को मांग उठाई कि बीजेपी के 11 विधायकों को संसदीय सचिव के 'पद पर होने के कारण' अयोग्य घोषित किया जाए

‘लाभ’ पर दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में भी ऐक्शन?

संसदीय सचिव होने के कारण लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने की जांच छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी तक पहुंच गई है। वहां विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ दलों के उन विधायकों के साथ भी ऐसा ही सलूक किए जाने की मांग की है, जिन्हें संसदीय सचिव बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को मांग उठाई कि बीजेपी के 11 विधायकों को संसदीय सचिव के ‘पद पर होने के कारण’ अयोग्य घोषित किया जाए। कांग्रेस नेता मुहम्मद अकबर ने कहा, ‘दिल्ली में की गई कार्रवाई से साबित हो गया है कि छत्तीसगढ़ में संसदीय सचिवों के पद पर बीजेपी विधायकों की नियुक्ति भी असंवैधानिक है। लिहाजा आयोग को इन विधायकों के खिलाफ भी उसी तरह की कार्रवाई करनी चाहिए।’

निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा
अकबर ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने पिछले साल छत्तीसगढ़ में याचिका दाखिल की थी और इन विधायकों की संसदीय सचिव पद पर नियुक्ति को रद्द करने की मांग की थी। अकबर ने कहा कि 2016 में उन्होंने निर्वाचन आयोग को भी इस मुद्दे पर लेटर भेजा था।

उधर पुडुचेरी में बीजेपी ने को कहा कि वह चुनाव आयोग के पास याचिका दाखिल कर मांग करेगी कि सत्तारूढ़ कांग्रेस और उसकी सहयोगी डीएमके के 8 विधायकों को ‘लाभ के पद पर होने के कारण’ अयोग्य घोषित किया जाए।

अयोग्य घोषित करने की मांग
पुडुचेरी बीजेपी अध्यक्ष वी सामिनाथन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के छह और डीएमके के दो विधायक अभी पुडुचेरी गवर्नमेंट के सपोर्ट वाली वैधानिक इकाइयों के चेयरमैन हैं। एक कांग्रेस विधायक सीएम के संसदीय सचिव के रूप में भी काम कर रहे हैं। हम आयोग से मांग करेंगे कि इन्हें अयोग्य घोषित किया जाए।

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