संविदा में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों ने ब्लैकमास्क पहनकर और काली रिबन बांधकर किया शांतिपूर्ण प्रर्दशन

बाल संरक्षण योजना/मिशन वात्सल्य के तहत् संविदा में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों ने अपने अधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हेतु ब्लैकमास्क पहनकर और काली रिबन बांधकर किया शांतिपूर्ण प्रर्दशन

राजनांदगॉव: आज दिनांक 15/09/2021 को जिला राजनांदगॉव में एकीकृत बाल संरक्षण योजना अन्तर्गत् जिला बाल संरक्षण इकाई, शासकीय बालक संप्रेक्षण गृह एवं शासकीय बालिका संप्रेक्षण गृह तथा शासकीय बालिका विशेष गृह में संविदा में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी मॉगों को लेकर काला मास्क व काला रिबन लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रर्दशन किया गया। ज्ञात हो कि इस योजना के तहत् जिले मंे कुल 31 संविदा अंधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है।

एकीकृत बाल संरक्षण योजना का शुभारंभ देश में वर्ष 2009 से हेाने के बाद से देश भर में बाल संरक्षण योजना के तहत् कार्यरत कर्मचारी देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को एक सुरक्षात्मक वातावरण प्रदान करने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। पिछले 12 वर्षाे में बाल संरक्षण योजना में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका कई गुना विकसित हुई है और वे विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वर्हण कर रहे है। एकीकृत बाल संरक्षण योजना की वेतन संरचना वर्ष 2014 से संशोधित नहीं की गई है और प्रचलित वेतन संरचना से कार्यरत कर्मचारियों के जीविकोपार्जन करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

वर्तमान में प्रचलित वेतन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अन्य योजनाओं की तुलना में कम है। इस दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय के अधिकारियों ने गुजरात के केवड़िया जिले में आयोजित एक बैठक में मिशन वात्सल्य पर प्रस्तुति दी गई है। संविदा कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के संकेत है, किन्तु वृद्धि का प्रतिशत उल्लेख नही किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा अनेकों बार अनुरोध पत्रों व प्रस्तावों प्रेषित करने के पश्चात भी विगत 07 वर्षों में वेतन वृद्धि नहीं करने के कारण कर्मचारियों में अवसाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

अखिल भारतीय बाल संरक्षण संघ (।प्।ब्च्) के माध्यम से जिला राजनांदगॉव के संविदा अधिकारी/कर्मचारी द्वारा बाल संरक्षण योजना/मिशन वात्सल्य के दिशानिर्देशों में निम्नलिखित प्रावधानों पर विचार करने के लिए केन्द्र शासन से विनम्रता पूर्वक मांग निम्नानुसार हैः-

1. मिशन वात्सल्य के दिशानिर्देश में मानव संसाधन नीति (भ्त् च्वसपबल) जोड़ा जाये।

2. नियुक्त कर्मचारियों के नौकरी की सुरक्षा हेतु ठोस प्रावधान मानव संसाधन नीति (भ्त् च्वसपबल) में जोड़ा जाये।

3. प्रतिवर्ष महंगाई सूचकांक के अनुसार मानदेय में वृद्धि किये जाने का प्रावधान जोड़ा जाये।

4. प्रोविडेंट फण्ड, कर्मचारी राज्य बीमा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा उपायों हेतु प्रावधान किया जाये।

हमंे आशा है कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को सकारात्मक रुप से केन्द्र शासन द्वारा लेते हुए मिशन वात्सल्य के दिशानिर्देशों में कर्मचारियों के हित संबंधी प्रावधानों को समावेशित किया जायेगा। उक्त जानकारी अखिल भारतीय बाल संरक्षण संघ के प्रतिनिधि श्री चन्द्रकिशोर लाड़े, श्री विनोद जंघेल, श्री किशन देवांगन, श्रीमती चित्रलेखा देवांगन, श्रीमती शीला सोनवाने, श्री सरजू प्रसाद कोहली, श्री मनोज उइके, श्री संतोष केंवट, श्रीमती गीतांजली नेताम, श्रीमती स्मिता उके, श्री रामखिलावन देवांगन, सुश्री हेमलता साहू, श्री अनिल सिन्हा, श्री पुरुषोत्तम सिदार, श्रीमती शिखा वर्मा के द्वारा दी गई।

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