अधिकारियों की लापरवाही, करोड़ों का बिजली संयंत्र जर्जर

- क्षेत्रवासियों को नहीं मिला सयंत्र से लाभ 

जागेश्वर सिन्हा/बालोद।

बालोद जिले के ग्राम चिरईगोड़ी के समीप नहर में अविभाजित मध्यप्रदेश के शासन काल मे 200 किलोवाट पानी से बिजली उतपन्न करने करोड़ों रुपए के लागत से स्थापित किया गया। सयंत्र व कर्मचारियों के रहने के लिए बनाए गए आवास मुख्य बिजली विभाग रायपुर के अधिकारियों के लाफरवाही के चलते पूरी तरह जर्जर हो गया है।

बता दें कि जिस उद्देश्य से इस करोड़ों रुपए की लागत से सयंत्र को इस क्षेत्र में लगया गया था। वह मात्र 17 घंटा ही चला है इसके बाद से इस सयंत्र को दोबारा चालू नही किया गया है। और न ही आज तक संबंधित विभाग द्वारा सयंत्र का सुध लिया गया ।

वहीं मुख्य बिजली विभाग द्वारा जर्जर आवास व सयंत्र के देखरेख के लिए आज भी इस जगह दो कर्मचारियों को तैनात किए हैं, जो इनकी देखरेख में लगा है।

– जनप्रतिधियों ने नहीं की पहल

ग्राम चिराई गोड़ी के अंतर्गत जामगांव, आंगरी ,करहिभदर, मुजगहन लिमोरा, पीपरछेड़ी सहित आसपास के दर्जनों ग्राम है। यहां के लोगों को सयंत्र से बिजली कट होने पर सयंत्र का लाभ मिलता पर इन क्षेत्रवासियों का सपना सपना बनकर ही रह गया। खास बात यह है कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हुए लोगों ने सयंत्र को चालू करवाने व क्षेत्रवासियों को फिर सेलाभ हो इसके लिए किसी भी प्रकार से पहल नहीं की।

-क्षेत्रवासियों की जुबानी

सयंत्र के चालू होने से लाइट बंद होने के समय क्षेत्रवासियों को इससे मदद मिलती। जिससे ग्रामीणों को अंधेरा में रात गुजराना नहीं पड़ता।

-शेखर साहू क्षेत्रवासी

क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिला

रायपुर में बैठे अधिकारियों की उदासीनता की वजह से सयंत्र व आवास जर्जर हो गया है। जिस कारण क्षेत्रवासियों को इसका लाभ नहीं मिला।
-मुकेश ठाकुर क्षेत्रवासी

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