शासन के दबाव में अधिकारीयो ने किया लोकतंत्र की हत्या : पिंकी शिवराज शाह

- राजशेखर नायर

नगरी : जनपद पंचायत नगरी में सम्पन्न हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर विवाद अब थमने का नाम नही ले रहा है।13 मई को सम्पन्न हुए अविश्वास प्रस्ताव पर जनपद अध्यक्ष पिंकी शिवराज शाह और उपाध्यक्ष रामदयाल साहू को अपनी कुर्सी गवानी पड़ी थी किन्तु पिंकी शिवराज शाह ने इस पूरे मामले में प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए है उन्होंने सबसे पहले तो आचार संहिता के दौरान मतदान कराने के जिलाधीश के फैसले को शासन के दबाव में उठाया गया कदम बताया है वही मतदान सम्पन्न होने के बाद गणना पत्रक देने में तीन दिनों तक एस डी एम नगरी द्वारा जान बूझ कर घुमाने का आरोप लगाया।

पिंकी शिवराज शाह ने बताया कि 15 मई को एस डी एम के निर्देधनुसार जिलाधीश से गणना पत्रक की मांग के लिए लगातार मोबाइल से संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु कलेक्टर द्वारा फोन रिसीव नही किया गया ऐसे में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुचने पर जिलाधीश अपने कार्यालय से चुपचाप चले जाते है और अपने मातहतों से फोन पर ही जानकारी लेते रहे।उन्होंने आगे बताया कि उनके द्वारा कलेक्टर परिषर में ही धरने पर बैठने की बात कही गई तो उन्हें जानकारी दी गई कि गणना पत्रक पीठ सिन अधिकारी द्वारा ही दिया जावेगा जबकि मतदान दिवस 13 मई को उक्त अधिकारी द्वारा गणना पत्रक देने से मना कर कहा गया था कि विहित अधिकारी कलेक्टर द्वारा गणना पत्रक दिया जावेगा।

पिंकी शिवराज शाह ने कहा कि नगरी एस डी एम द्वारा 15 मई की शाम 5.30 बजे आनन फानन में फोन द्वारा कार्यकर्ता को बुलाकर गणना पत्रक दिया जाता है जबकि पूर्व में उनके द्वारा अपने आपको गणना पत्रक देने में असमर्थ बताया गया था।तीन दिनों में ऐसा क्या हो गया कि उन्हें अपने ही बात को पलटना पड़ा।वही जिलाधीश शाम तक उनसे मिलने से बचते रहे और आनन फानन में मोबाइल के माध्यम एस डी एम को निर्देशित कर गणना पत्रक देने को कहते हैं।
पिंकी शिवराज शाह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुय कहा कि शासन के दबाव में अधिकारी मनमानी करते हुये आदिवासी क्षेत्र में लोकतंत्र को खिलौना बना रहे हैं और आदर्श आचार सहिंता का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।

इस संबंध में एस डी एम जितेंद्र कुर्रे से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि विहित अधिकारी द्वारा प्राप्त निर्देशो के आधार पर ही सम्पूर्ण प्रक्रिया को सम्पन्न किया गया है।इसमें किसी भी प्रकार की कानून की अवहेलना नही की गई है।

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