मजदूरी करने वाले 19 साल के युवक की किडनी से मिलेगी शशिकला के पति को नई जिंदगी

मजदूरी करके पेट भरने वाले 19 साल के युवक की किडनी से अन्नाद्रमुक की पूर्व नेता वीके शशिकला के पति एम नटराजन को नई जिंदगी मिल सकेगी। कार्तिक की मौत एक्सीडेंट में हो जाने के बाद उसकी किडनी को नटराजन को ट्रांसफर की गई। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला कार्तिक एक पोस्टर बॉय था जो राजनीतिक पार्टियों के बैनर लगाने का काम करता था।
कार्तिक के दोस्तों ने बताया कि वो एक पोस्टर के लिए 50 रुपये लेता था और पूरे दिन में इससे 500 रुपये दिहाड़ी कमाता था।

उसके हालात इतने बुरे थे कि वो कभी-कभी घर बिना काम के बैठा करता था। कार्तिक कोई भी काम करने को तैयार रहता था और वो आखिरी काम एक होटल में कर रहा था। परिवार से दूर होने की वजह से कार्तिक 3 दिन के भीतर घर लौट आया। इसी बीच हादसे का शिकार हो गया।

हादसे में कार्तिक को सिर और मुंह में गंभीर चोटें आई थीं। दिन 4 अक्तूबर का था, जब उसे शहर के सरकार अस्पताल में दाखिल करवाया गया। परिजन और दोस्तों ने बताया कि हालत ज्यादा बिगड़ जाने के कारण कार्तिक का बचना नामुकिन था, इसलिए उसे सरकारी अस्पताल अरंथांगी से पुडुकोट्टई गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करवा दिया गया। कार्तिक की हालत और बिगड़ती जा रही थी, इसलिए उसे यहां से भी शिफ्ट करके तंजावुर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

केस ज्यादा बिगड़ जाने की वजह से तंजावुर हॉस्पिटल प्रशासन ने परिजनों को सलाह दी कि वे कार्तिक को चेन्नई के बड़े अस्पताल ग्लेनीगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल में ले जाएं, जहां उसकी जान बच सकती है। चौंका देने वाली बात है कि कार्तिक के परिजानों को उसे शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस भी नहीं दी गई। गरीबी से जूझता परिवार जैसे तैसे उसे अपने किए साधन से चेन्नई लेकर पहुंचा।

जब कार्तिक को चेन्नई शिफ्ट किया गया तो डॉक्टरों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि ब्रेन डेड हो जाने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सकता और परिवार चाहे तो उसके अंगों को दान कर सकते हैं। इधर शशिकला के पति नटराजन का इलाज चेन्नई के ग्लेनगेल्स ग्लोबल हॉस्पिटल में चल रहा था। उन्हें भी किडनी की जरूरत थी, इसलिए राज्य के हरेक अस्पताल में किडनी के लिए आग्रह किया गया था। इसी बीच उसी अस्पताल में कार्तिक के परिजनों को यह जानकारी मिली तो वो किडनी दान करने के लिए तैयार हो गए।

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