16 फरवरी को पैसों से भरे कई बैग लेकर एक फाइव स्टार होटल में घुसे थे सचिन वाजे

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि निलंबित मुंबई पुलिस अधिकारी 16 फरवरी को रुपयों से भरे पांच बैग, अपने साथ लेकर जा रहे थे.

सचिन वाजे को 3 अप्रैल को एनआईए कस्टडी में भेजा गया है. इतना ही नहीं 16 फरवरी को होटल में सचिन वाजे के साथ एक संदिग्ध महिला भी दिखी थी. वाजे, 16 फरवरी से 20 फरवरी तक इसी होटल में ठहरे थे. वह फेक आधार कार्ड दिखाकर होटल में रह रहे थे.

होटल में एंट्री के वक्त सचिन वाजे के हाथ में मौजूद बैगों की स्कैनिंग भी हुई थी. चेकिंग कियोस्क से मिले विसुअल्स से भी इस बात की पुष्टि हुई है कि सचिन वाजे बैग में कैश भरकर होटल में दाखिल हुए थे. चेकिंग कियोस्क पर बैठे शख्स से भी पूछताछ की जा रही है. एनआईए अब इस मामले को लेकर होटल से मिले सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है.

दरअसल होटल के सीसीटीवी फुटेज में वाजे को उन बैगों के साथ देखा गया है. जानकारी के मुताबिक सचिन वाजे के लिए एक व्यापारी ने 100 दिनों के लिए होटल में कमरा बुक किया था. यह बुकिंग एक ट्रेवल एजेंट के द्वारा किया गया था.

सचिन वाजे के साथ कार में थे मनसुख हिरेन एंटीलिया केस में जिस स्कॉर्पियो से जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई थी, उसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में एक नया खुलासा हुआ. एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें सचिन वाजे और मनसुख हिरेन एक ही कार में सवार दिखाई दे रहे हैं.

बताया जा रहा है कि यह सीसीटीवी फुटेज 17 फरवरी का है. सीसीटीवी फुटेज में सफेद रंग की एक कैब सीएसटी स्टेशन पर रुकती है, उससे मनसुख हिरेन बाहर निकलते हैं. दूसरे सीसीटीवी फुटेज में एक नीली ऑडी कार दिखाई दे रही है, जिसका इस्तेमाल सचिन वाजे कर रहे थे. यह ऑडी कार एक ट्रैफिक सिग्नल पर रूकती है, जिसमें मनसुख हिरेन सवार हो जाते हैं.

नीली ऑडी कार को सचिन वाजे चला रहे थे और उनकी कार में मनसुख हिरेन बैठते दिखाई दे रहे हैं. आपको बता दें कि 4 मार्च को मनसुख की लाश मिली थी. उनकी संदिग्ध मौत हुई थी. परिजनों का आरोप था कि मनसुख की हत्या सचिन वाजे ने की. इस मामले की एटीएस जांच कर रही थी, लेकिन अब इस जांच को NIA ने अपने हाथ में ले लिया है.

इस बीच सचिन वाजे को लेकर महाराष्ट्र एटीएस सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि 4 मार्च को वाजे ने फोन करके मनसुख हिरेन को ठाणे बुलाया था, साथ में 3- 4 लोग भी थे और बाद में दफ्तर लौटकर वाजे ने रेड के जरिए जांच को गुमराह करने की कोशिश भी की. पुलिस को फॉरेंसिंक रिपोर्ट का इंतजार है.

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