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27 जुलाई को सभी राज्यों के राजभवनों का घेराव करने वाली है कांग्रेस

कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर की राजभवन घेराव की घोषणा

जयपुर: राजस्थान में राजनीतिक हलचल के बीच राजभवन और कांग्रेस का टकराव बढ़ता जा रहा है. 27 जुलाई को कांग्रेस सभी राज्यों के राजभवनों का घेराव करने वाली है. राजधानी जयपुर में भी राजभवन का घेराव होगा.

कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर राजभवन घेराव की घोषणा की है. वेणुगोपाल ने लिखा, लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ देश भर के राजभवन घेरेगी कांग्रेस. इधर, बीजेपी नेता राज्यपाल से राजभवन में मुलाकात की.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद बीजेपी राज्य सरकार पर हमलावर हो गई. बीजेपी का कहना है कि हमने राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं की है. बीजेपी ने सीएम गहलोत से इस्तीफे की मांग भी की है.

बीजेपी का कहना है कि सीएम गहलोत ने राजभवन घेराव की चेतावनी दी थी. उन्होंने गलत भाषा का इस्तेमाल किया था. होटल फेयरमोंट में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत ने कहा, बीजेपी के षड्यंत्र को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति भवन जाना पड़ा तो जाएंगे. राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री निवास पर भी धरना देना पड़ा तो देंगे. उन्होंने कहा होटल में 21 दिन रहना पड़ सकता है.

सीएम गहलोत ने दावा किया कि बहुमत हमारे साथ है. तो वहीं राज्यपाल से मुलाकात के बाद बीजेपी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान का मशहूर पोलिटिकल ड्रामा चल रहा है. कल का घटनाक्रम आपराधिक दायरे में आता है. सत्र आहूत करना राज्यपाल का अपना अधिकार है. राज्यपाल की छाती पर खड़े रहकर निर्णय नहीं मनवा सकते हैं. जो तरीका अपनाया वह संविधान की घोर अवहेलना है.

सीएम गहलोत ने लगाया बड़ा आरोप

सीएम अशोक गहलोत ने कहा, हमने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है. विधानसभा में हम बहुमत सिद्ध करेंगे. कोरोना पर चर्चा भी करेंगे. हमने गुरुवार रात को ही राज्यपाल से सत्र को लेकर निवेदन किया था. आज हमने फिर कहा है कि राज्यपाल सत्र बुलाने पर फैसला करें.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल को बोल्ड डिसीजन लेना चाहिए. उम्मीद करते हैं कि जल्दी राज्यपाल अपना फैसला सुनाएंगे. फैसला आने तक हम धरना देंगे. उन्होंने कहा हमेशा विपक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करता है. यहां सत्ता पक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहा है.

ऐसा क्या षड्यंत्र है कि विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. वहीं, राजभवन घेराव बयान पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा, यह बयान राजनीतिक बयान था. भैरोंसिंह शेखावत ने भी राजभवन में धरना दिया था. बीजेपी के नए नेताओं को इसकी जानकारी नहीं होगी.

सचिन पायलट का आरोपों से इनकार

इधर, सचिन पायलट (Sachin Pilot) ग्रुप का दावा है कि हमारे ऊपर केन्द्र को पार्टी बनाने का आरोप गलत है. ये आपत्ति महेश जोशी के वकील ने कोर्ट में दर्ज की थी कि ये संविधान में बदलाव का मामला है. यदि इसमें केन्द्र पार्टी नहीं है तो याचिका डिफेक्टिव है, इसलिए हमें केंद्र को पार्टी बनाना पड़ा बार-बार केंद्र और बीजेपी के साथ नाम जोड़कर हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. हमारा बीजेपी से कोई संबंध नहीं, हम कांग्रेस में हैं और रहेंगे.

सीएम गहलोत का दावा: हमारे पास स्पष्ठ बहुमत

सीएम गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी राज्यपाल से फोन पर बात की है. उन्होंने कहा कि सोमवार से हम विधानसभा सत्र चाहते हैं. हरियाणा में मौजूद विधायकों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह का दबाव उन पर पड़ रहा है? किस कारण से रोका गया? हमारे पास स्पष्ठ बहुमत है… हमारे साथी बीजेपी की देखरेख में बंधक है, जोकि वहां से छूटना चाहते हैं. कईयों की आँखों में आंसू आ रहे हैं, वो वापस आना चाहते है.

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