मध्यप्रदेश

स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द होने पर कमलनाथ बोले- EC ने नहीं दिया कोई नोटिस, वो जाने उनका काम जाने

मैंने किसी के प्रति दुर्भावना से या किसी को अपमानित करने के लिए नहीं बोला था।

चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का मध्यप्रदेश उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द करने पर कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने उस शब्द का इस्तेमाल किसी का अनादर करने के लिये नहीं किया था। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने महिलाओं के संदर्भ में उस शब्द को अस्वीकार किया था लेकिन राहुल उनके (कमलनाथ) खिलाफ नहीं थे।

जब शुक्रवार शाम को यहां कमलनाथ से यह कहा गया कि राहुल गांधी ने उनके ”आइटम वाली टिप्पणी को अस्वीकार कर दिया तब कमलनाथ ने पीटीआई-भाषा से एक मुलाकात में कहा, उन्होंने (राहुल ने) इसे अस्वीकार नहीं किया। उन्होंने महिलाओं के लिये कहा। प्रेस कांफ्रेस में एक प्रश्न पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दे दिया, ‘वो तो, मैं भी कहता हूं कि महिलाओं का अपमान करना ठीक नहीं है।

जब उनका ध्यान इस तरफ आकृष्ट किया गया कि सत्तारुढ़ भाजपा के नेता उनसे इस टिप्पणी के लिए इमरती देवी से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं, तब उन्होंने कहा, ”यह देखिये कोई किसी की मांग नहीं है। अंत में (मैं) वही करता हूं जो सही एवं उचित है। क्योंकि मेरी भावना नहीं थी।

चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘स्टार प्रचारक का कौन सा पद, कौन सा कद होता है। चुनाव आयोग ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया, मुझे पूछा नहीं, तो ये कौन कर रहा है, आखिरी दो दिनों में, वो जाने उनका काम जाने। क्या इस मामले में वह सर्वोच्च न्यायालय में ले जायेगें के सवाल पर कमलनाथ ने कहा, ‘मैने तो वकीलों को दे दिया है, वकील लोग देख रहे है। सर्वोच्च न्यायालय में जाएगें, यह वो लोग तय करेंगे। विवेक तन्खा जी इसको देख रहे हैं, वो तय करेंगें।

कमलनाथ ने अपने ”आइटम शब्द का बचाव करते हुए कहा, ” मैं इतने साल लोकसभा में रहा। लोकसभा की शीट पर, एजेंडे में लिखा रहता है, आइटम नं 1, 2… मेरे दिमाग में वो रहा। मैंने किसी के प्रति दुर्भावना से या किसी को अपमानित करने के लिए नहीं बोला था। क्योंकि ये आइटम शब्द से मैं बहुत परिचित रहा हूं, लोकसभा और विधानसभा में। और मैने ये कहा कि अगर कोई अपमानित महसूस करता है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।

मालूम हो कि चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश राज्य की 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए प्रचार करते हुए आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के चलते कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘स्टार प्रचारक का दर्जा शुक्रवार को रद्द कर दिया।

प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर अहम उपचुनाव के प्रचार के दौरान ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे की आम सभा में दलित समुदाय की भाजपा नेता इमरती देवी पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद से 73 वर्षीय कांग्रेस नेता कमलनाथ राज्य में सत्तारुढ़ भाजपा के नेताओं के निशाने पर चल रहे हैं। भाजपा ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत दर्ज कराई थी।

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