आरक्षित वर्ग के जवानों की छाती पर जाति लिखने के मामले में बोले जोगी

घटना को बताया शर्मनाक

रायपुर: जनता कांग्रेस छतीसगढ़ के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री जोगी ने मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में जवानो की चयन प्रक्रिया के दौरान साक्षात्कार में उपस्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उमीदवार जवानो की छाती पर जाति लिखने को शर्मनाक बताया है.

उन्होंने कहा है कि इन वर्गों के साथ इस प्रकार अपनाई गयी हरकत से घ्रणित कोई और उदाहरण नही हो सकता है इस निंदनीय कृत्य के लिए भाजपा सरकार द्वारा केवल जाँच एजेंसी गठित करने मात्र से ही इस अमानवीय अपराध की भरपाई नहीं हो सकती है क्योकि पूर्व गठित जाँच एजेसियो का इतिहास रहा है की जाँचकरता द्वारा 99 प्रतिशत प्रकरणों की जाँच की रिपोर्ट प्रस्तुत ही नहीं हो पाती है.

बात दे की मध्यप्रदेश पुलिस जवान की चयन प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के जवानो कि छाती पर जाति लिखने से दलित उत्पीड़न की सभी नारे शुन्य सिद्ध हो गए. इस अपमान जनक हरकत के लिए सबंधित सभी के विरुद्ध SC/ST उत्पीड़न एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सम्बंधित वर्ग एवं प्रदेशवासियों से क्षमा मांगनी चाहिए.

जोगी ने कहा मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति एवं अन्य दलित वर्ग दोषियों के विरुध उत्पीड़न का जो कीर्तिमान देश में स्थापित किया है उसका आजादी के बाद के इतिहास में कल्पना नहीं की जा सकती है. मोदी सरकार संविधान में आरक्षित वर्ग को प्रदत्त अधिकारों की बखिया उधेड़ने में लगी है और आरक्षित, दलित एवं अल्पसंख्यको में तरह-तरह से दहशत फैलाकर देश के सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को दूषित किया जा रहा है जो मानवता एवं देश के संविधान के विपरीत है.</>

Back to top button