चिंतन शिविर का आज आखिरी दिन: विधानसभा चुनाव में नए चेहरों पर दांव लगाएगी BJP

बस्तर में भाजपा के चिंतन शिविर का गुरुवार को अंतिम दिन है। बंद कमरे में चल रहे चिंतन के दूसरे दिन भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कई अहम फैसले लिए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भाजपा प्रदेश संगठन में बड़ा उलट फेर कर सकती है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के कुर्सी पर भी तलवार लटक गई है। वहीं पार्टी इस बार चुनाव में नए चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है, हालांकि इस गोपनीय बैठक में क्या चर्चा हुई है इस पर भाजपा के नेता अभी खुल कर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी पहले ही कह चुकी है कि भाजपा ने चुनाव व संगठन के लिए क्या स्ट्रेटजी बनाई है उसे हम बता नहीं सकते। यह संगठन के अंदर की बात है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बंद कमरे में मंथन कर कई अहम फैसले लिए हैं। इन फैसलों को डायरी में बिंदुवार नोट किया गया है। बस्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के कई नेताओं को भाजपा ने 3 से लेकर 6 महीने तक का मौका भी दिया है, ताकि वे पार्टी सहित आने वाले विधानसभा चुनाव तक अपनी छवि सुधार लें।

विधानसभा चुनाव में दिखेंगे नए युवा चेहरे
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इस बार पुराने नहीं बल्कि नए चेहरों पर दांव लगाएगी। बैठक में हाई कमान ने कई नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने की बात कही है। साथ ही बड़े और नामी चेहरों को पार्टी टिकट मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, हालांकि बस्तर की एक या दो सीटों पर भाजपा के लिए पुराने चेहरों को हटाना आसान नहीं होगा, लेकिन 6 महीने के मंथन पर जो भी फीड बैक मिलेगा उसके हिसाब से टिकट निर्धारित होगा।

ओपी चौधरी और केदार कश्यप को मिली है बड़ी जिम्मेदारी
पूर्व मंत्री केदार कश्यप और युवा नेता ओपी चौधरी पर पार्टी ने बड़ा भरोसा जताया है। इन दोनों को पार्टी ने चुनाव से पहले एक बड़ी जिम्मदारी भी दे दी है, लेकिन जिम्मेदरी कौन सी है यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह जरूर है कि संगठन में हो रही हलचल और टिकट के कतार में जो भी लगेंगे उनका फीड बैक सीधे हाईकमान को सौपेंगे।

भाजपा की आज है कार्यकर्ता सम्मेलन
तीन दिवसीय चिंतन शिविर का आज आखिरी दिन है। आखिरी दिन भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता बस्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यकर्ता सम्मेलन में पूरे बस्तर संभाग से दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता जगदलपुर पहुंचेंगे। पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस सम्मेलन में कवेल मंडल स्तर के अध्यक्ष और महामंत्रियों को ही बुलाया गया है। बूथ स्तर के कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं होंगे।

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