सावन महीने के आखरी सोमवार को हनुमानगढ़ी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

अरविंद शर्मा

कटघोरा।

कोरबा जिले के कटघोरा शहर में हनुमानगढ़ी श्री राम जानकी मंदिर है, यहां शिव मंदिर, हनुमान मंदिर और शिखर में श्री राम जानकी मंदिर की महिमा देखते ही बनती है। यहां सैकड़ों श्रद्धालुओं का प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। सावन के आखरी सोमवार को यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।

सभी धार्मिक त्योहारों में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और प्रसाद ग्रहण कर यहां के मनोरम दृश्य का लुप्त उठाते हैं। हनुमानगढ़ी को पहले चकचकवा पहाड़ के नाम से जाना जाता था। दुर्गम पहाड़ पर लोग पथरीले रास्ते से चढ़कर जाते थे। हम आपको हनुमानगढ़ी के इतिहास के बारे में बताते हैं।

बताया जाता है कि माता सीता की खोज में जब वीर हनुमान जगह जगह भटक रहे थे तब हनुमान जी यहाँ भी कुछ समय रुके थे जिनका प्रमाण आज भी देखने को मिलता है। उनके पैरों के निशान आज भी यहाँ मौजूद हैं जिनके दर्शन करने लोग दूर दूर से आते हैं। यहाँ सन 1974 में हनुमान मंदिर और 1984 में शिव मंदिर निर्माण किया गया। सन 2009 में श्री राम जानकी मंदिर की स्थापना की गई।

हनुमानगढ़ी के जीर्णोद्धार में कटघोरा निवासी पवन अग्रवाल (संचालक) का अटल और दृढ़ निश्चय ही है जो यहाँ पत्थरो को चीर कर चकचकवा पहाड़ को दार्शनिक स्थल हनुमानगढ़ी में बदला और प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिला। यहाँ पर श्रद्धालुओं के लिए पानी की सुविधा , बैठने की व्यवस्था और लोगो को सुकून देने के लिए बागवानी का प्रबंध भी बेहद आकर्षक है।

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