मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव के अवसर पर स्लम स्वास्थ्य योजना के ऑनलाईन डैशबोर्ड और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का गिफ्ट पैक ’जोरन’ किया लांच

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना: ऑनलाईन डैशबोर्ड से मुफ्त इलाज के लिए झुग्गी बस्तियों के नागरिक ले सकेंगे अग्रिम अपॉइंटमेंट

कराना होगा रजिस्ट्रेशन, मोबाईल मेडिकल यूनिट के क्षेत्रवार कैम्प की जानकारी भी मिलेगी, दवा पर्ची और जांच रिपोर्ट भी ऑनलाईन होगी उपलब्ध

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में एक वर्ष में 11 लाख नागरिकों को मिली मुफ्त इलाज की सुविधा

’जोरन’ गिफ्ट पैक में बाजरा की बर्फी, दरभा कॉफी, रागी के कुकीज़, बाजरा और बस्तर काजू के कुकीज जैसे 14 व्यंजन

रायपुर, 1 नवंबर 2021: मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के ऑनलाईन डैशबोर्ड से नागरिक घर बैठे ही मुफ्त में इलाज कराने हेतु अग्रिम अपॉइनमेंट ले सकेंगे। साथ ही देख पाएंगे की मोबाईल मेडिकल यूनिट की गाड़ी उनके एरिया में कब आने वाली है। इस डैशबोर्ड से अब इलाज और आसान होगा। इस डैशबोर्ड पर मरीजों की दवा पर्ची और जांच रिपोर्ट भी ऑनलाईन उपलब्ध होगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए नागरिकों को ऑनलाईन डैशबोर्ड पर पंजीयन कराना होगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर एक वर्ष पहले 1 नवंबर 2020 को राज्य के स्लम क्षेत्रों के नागरिकों को निःशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत 14 नगर निगम क्षेत्रों मंे 60 मोबाईल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उनके मोहल्ले में ही इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। मात्र एक वर्ष में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के जरिए 11 लाख से अधिक नागरिकों का मुफ़्त में उपचार कर उन्हें स्वास्थ लाभ दिया जा चुका है। मोबाईल मेडिकल यूनिट द्वारा एक वर्ष में 16 हजार 700 कैम्प आयोजित किए गए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने इस अवसर पर बताया कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना को नागरिकों के लिए और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से स्लम स्वास्थ्य योजना का डैशबोर्ड लांच किया जा रहा है। उन्होंने जोरन गिफ्ट पैक के संबंध में बताया कि छत्तीसगढ़ में बेटी को विवाह के समय उपहार स्वरूप झांपी में रखकर व्यंजन देने की परम्परा है, जिसके नाम पर इस गिफ्ट पैक का नामकरण ’जोरन’ किया गया है। उन्होंने बताया कि शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत रायपुर में कार्यरत महिला स्व सहायता समूहों द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्मार्ट फूड वर्ज़न ’जोरन’ गिफ्ट पैक तैयार किया गया है, जिसमें स्व सहायता समूहों द्वारा मिलेट, गौठानों में तैयार किया गए शुद्ध घी, गुड़, बस्तर कॉफी, दरभा काजू आदि से तैयार व्यंजनों को शामिल किया गया है। त्यौहारों के मौके पर लोग एक-दूसरे को उपहार देने इस गिफ्ट पैक का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मिलेट मिशन के एकीकृत मॉडल के रूप में वैल्यू चेन और मार्केट भी विकसित किया जा रहा है । इसके लिए बाजार में अच्छी ब्रांडिंग के साथ जोरन उत्पाद की अमेजॉन आदि प्लेटफार्म पर उपलब्धता के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा मिलेट से बने उत्पादों को पौष्टिक एवं स्मार्ट फूड की संज्ञा दी गई है ।

रायपुर शहर की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने “जोरन“ ब्रांड नेम से मिलेट स्मार्ट फूड तैयार किया है। ’जोरन’ में बाजरा की बर्फी, दरभा कॉफी और रागी के कुकीज, बाजरा और बस्तर के काजू के कुकीज, मिलेट से बने पीड़िया, पपची, ठेठरी जैसे 14 स्मार्ट फूड उत्पाद शामिल किए गए हैं।

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय मंे आयोजित कार्यक्रम में इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम,अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर, छत्तीसगढ़ विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन के सचिव श्री डी.डी. सिंह, विशेष सचिव कृषि डॉ.एस.भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौमिल रंजन चौबे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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