छत्तीसगढ़

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर, मुख्यमंत्री ने कहा “ग्राम के अन्य समूहों की महिलाओं को अवसर दें”

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना सर्वथा अनुचित

धमतरी : लोक सुराज अभियान के तीसरे चरण में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का हेलीकॉप्टर आज अचानक नगरी विकासखण्ड के ग्राम डोंगरडुला में सुबह साढ़े दस बजे उतरा, जहां पर उन्होंने साल के पेड़ों से घिरे मैदान में चौपाल लगाकर ग्रामीणों के साथ सहज अंदाज में चर्चा की।

इस दौरान ग्रामीणों मांगों पर अनेक घोषणाएं कीं, जिनमें प्रमुख रूप से डोंगरडुला से कोटेश्वर धाम मंदिर पहुंच मार्ग का निर्माण, मंदिर परिसर में सोलर लाइट की स्थापना तथा मंगल भवन का निर्माण, प्रायमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए नए भवन, निस्तारी के लिए तालाब में सोलर पम्प स्थापना की मंजूरी शामिल हैं।

इस अवसर पर सिहावा विधायक श्रवण मरकाम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राजाराम मंडावी, सदस्य सत्यवती नेताम व प्रेमलता नागवंशी, जनपद पंचायत नगरी की अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पिंकी शाह भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

लोक सुराज अभियान 2018 के तीसरे और अंतिम चरण में मुख्यमंत्री द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में वे आज नगरी की ग्राम पंचायत डोंगरडुला पहुंचे, जहां पर देखते ही देखते ग्रामीणों का हुजूम लग गया। अपने बीच प्रदेश के मुखिया को अपने बीच पाकर ग्रामीण काफी खुश हुए। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से उतरकर सबसे पहले ग्राम के बूढ़ादेव मंदिर पहुंचे, जहां पर पूजा-अर्चना कर प्रदेश मंे अमन-चैन के लिए कामना की।

उन्होंने मंदिर के पुजारी सदासिंह से बातचीत की, इसी बीच पुजारी ने मंदिर परिसर में फर्श अथवा टाइल्स लगवाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत हामी भरते हुए इसकी स्वीकृति दी। इसके उपरांत ग्राम की कुमारी बाई नेताम के घर पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवास के बारे में पूछा तथा वहां रखे तेंदू के फल का उन्होंने स्वाद भी चखा। इसके उपरांत वे थानूराम देवदास नामक ग्रामीण के घर जाकर उनका हाल-चाल जाना।

इसके उपरांत उन्होंने साल के पेड़ के नीचे विशाल मैदान में ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। ग्राम पंचायत सचिव को योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में पूछा। सचिव ने बताया कि आदिवासी बाहुल्य डोंगरडुला में 432 परिवार हैं तथा यहां की जनसंख्या 1882 है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बारे में पूछे जाने पर सचिव ने बताया कि पात्र सभी 233 हितग्राहियों को रसोई गैस प्रदाय किया जा चुका है जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 228 पात्र हितग्राहियों में से 47 आवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

इसी प्रकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत शत-प्रतिशत 353 पात्र हितग्राहियों के घरों में शौचालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है। चरणपादुका और तेंदुपत्ता बोनस वितरण के बारे पूछे जाने पर वन विभाग के परिक्षेत्राधिकारी ने बताया गया कि चरणपादुका का वितरण अभी नहीं हो पाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने आठ दिनों के भीतर चरणपादुका वितरण करने की घोषणा इस दौरान की।

मुख्यमंत्री ने गांव में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पर ग्रामीणों को बधाई दी। इस बीच ग्राम के वरिष्ठ लोगों ने बताया कि गांव में हायर सेकण्डरी स्कूल तक की कक्षाएं संचालित हैं किन्तु स्वयं का भवन नहीं है। इसी तरह उन्होंने आंगनबाड़ी भवन और प्राथमिक शाला भवन को काफी जर्जर बताया, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने नए भवन की स्वीकृति दी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सोंढूर नहर विस्तार की बहुप्रतीक्षित मांग के बारे में जिक्र किया, जिस पर मौके पर उपस्थित कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने मुख्यमंत्री को बताया कि इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के लिए पीएफआईसी की बैठक प्रस्तावित है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही नहर विस्तार के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसी प्रकार गांव के तीन तालाबों के सूखने की बात ग्रामीणों ने बताई, जिस पर डॉ. सिंह ने इनकी मनरेगा से खुदाई कराने तथा निस्तारी की समस्या दूर करने सोलर पम्प स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले छात्र सोमेन्द्र साहू तथा कक्षा चौथी की छात्रा कु. पोमेश साहू, संजना साहू और ज्ञानेन्द्र को अपने समीप बुलाकर नौ तथा चौदह का पहाड़ा भी पूछा, जिसका वाचन करके बच्चों ने सुनाया। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर चले जाने की बात पर उन्होंने कहा कि ग्राम के अन्य समूहों की महिलाओं को अवसर दें। केन्द्रों में तालाबंदी करके शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को बाधित करना और नौनिहाल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना सर्वथा अनुचित है।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लोक सुराज अभियान आमजनता का अभियान है जिसके तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनने वे लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही इस दौरान यह जानने का प्रयास किया जाता है कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से हो रहा है अथवा नहीं। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आमजनता और शासन-प्रशासन के बीच परस्पर निकटता और सहजता स्थापित करना है, इसलिए शासन शिविरों का आयोजन कर उनकी समस्याओं व मांगों की सुनवाई कर रहा है।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्य सचिव अजय सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अमन सिंह, विशेष सचिव जनसम्पर्क राजेश सुकुमार टोप्पो, कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, एस.पी. रजनेश सिंह सहित काफी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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