आज के ही दिन नादिरशाह ने दी थी सेना को नरसंहार की इजाजत

जिनमें से नादिरशाह की ओर से दी गई सेना को नरसंहार की इजाजत, चटगांव विद्रोह के नेता सूर्य सेन का जन्म और मार्टिन लूथर किंग को रंगभेद का विरोध करने पर जेल जाना शामिल है.

22 मार्च यानि के आज के दिन इतिहास के पन्नों में कई महत्वपूर्ण घटनाए दर्ज है | जिनमें से नादिरशाह की ओर से दी गई सेना को नरसंहार की इजाजत, चटगांव विद्रोह के नेता सूर्य सेन का जन्म और मार्टिन लूथर किंग को रंगभेद का विरोध करने पर जेल जाना शामिल है.

22 मार्च 1739: आक्रमणकारी नादिर शाह ने अपनी सेना को दिल्ली मे जनसंहार की इजाजत दी। यह कत्लेआम 58 दिनों तक चला.

22 मार्च 1890: रामचंद्र चटर्जी पैराशूट से उतरने वाले पहले व्यक्ति बने.

22 मार्च 1893: चटगांव विद्रोह का सफल नेतृत्व करने वाले महान क्रांतिकारी सूर्य सेन का जन्म.

22 मार्च 1923: पहली बार आइस हाकी मैच का रेडियो से प्रसारण.

22 मार्च 1947: आखिरी वायसराय लार्ड माउंटबेटन भारत पहुंचे.

22 मार्च 1956: अमरीका में रंगभेद विरोधी नेता मार्टिन लूथर किंग को एक नस्लवादी कानून का विरोध करने के कारण जेल हुई थी, इनके नेतृत्व में अलबामा राज्य में मौजूद तमाम काले लोगों ने राज्य में चलने वाली बसों का बहिष्कार कर दिया था.

22 मार्च 1957: शक पर आधारित राष्ट्रीय कैलेण्डर अंगीकार किया गया.

22 मार्च 1964: पुरानी कारों की पहली रैली कोलकाता में आयोजित.

22 मार्च 1969: इंडियन पेट्रोकैमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड का उद्घाटन.

22 मार्च 1982: नासा ने अपने अंतरिक्ष यान कोलंबिया को तीसरे मिशन पर लिए रवाना किया.

22 मार्च 2000: फ्रेंच गुआना के कोरु से इनसेट 3 बी का प्रक्षेपण.

22 मार्च 2002: ब्रिटेन में गले के नीच पूरे शरीर में लकवे से ग्रस्त एक महिला को इच्छा मृत्यु का अधिकार दिया गया. इस मुक़दमे को सुन रही जज एलिज़ाबेथ बटलर स्लौस ने महिला को इस बारे में फिर से विचार करने को कहा था.

इस महिला की उम्र 43 साल थी और पूरे मुक़दमे के दौरान उसकी निजता की रक्षा करने के लिए उसे श्रीमती बी के नाम से पुकारा गया.

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