छत्तीसगढ़

कांग्रेस सरकार बनते ही गरीबों का मुफ्त इलाज का अधिकार होगा बहाल: मिलेंगी सारी स्वास्थ्य सुविधायें

कांग्रेस की सरकार आयेगी तो जो लूट कमीशनखोरी के सारे एग्रीमेंट होंगे वो निरस्त किये जायेंगे

रायपुर : अडानी पीड़ित किसानों से मिलने रायगढ़ रवाना होने के पहले संवाददाताओं से चर्चा करते हुये वेदांता अस्पताल मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि रमन सरकार द्वारा वेदांता अस्पताल में गरीब कैंसर पीड़ितों का इलाज का हक छीनने जैसे गरीब विरोधी और बड़े औद्योगिकघरानों को फायदा पहुंचाने के लिये गये फैसलों पर कांग्रेस सरकार द्वारा पुनर्विचार कर गरीबों के अधिकारों को फिर से बहाल किया जाएगा। 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद बालको, कैंसर अस्पताल में गरीब कैंसर पीड़ितों से छीनी गयी मुफ्त इलाज की सुविधा को बहाल किया जायेगा। सरकार बनते ही कांग्रेस गरीबों के हित में फैसले लेगी और गरीबों को मुफ्त और रियायती दर पर इलाज बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कांग्रेस सरकार की पहली प्राथमिकता होगी।

भाजपा सरकार की चला चली की बेला है। गरीबों के हित कार्पोरेट घरानों को बेचे जा रहे है। हम स्पष्ट कर देना चाहते है कि कांग्रेस की सरकार आयेगी तो गरीब कैंसर पीड़ितों का मुफ्त इलाज कांग्रेस की सरकार करवायेगी और वेदांता को करना पड़ेगा। जिस प्रकार से उनके जमीन औने-पौने दाम में दी गयी है, सीएसआर का पैसा उसमें लगा है, सीएसआर का पैसा आम जनता का पैसा है, किसानों की जमीनें सस्ते दर पर लेकर वेदांता को दी गयी है, कांग्रेस गरीबों के साथ इस प्रकार की लूट नहीं होने देगी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद निश्चित रूप से जो वर्तमान सरकार द्वारा किया गया गरीब विरोधी एग्रीमेंट है उसे निरस्त कर कांग्रेस सरकार गरीब कैंसर पीड़ितों मरीजों का मुफ्त इलाज करायेगी।

वेदांता प्रबंधन से उसके अधीनस्थ कार्यरत मजदूर, श्रमिक वर्ग भी बेहद नाराज हैं। नया रायपुर में वेदांता कैंसर रिसर्च अस्पताल के लिए बालको वेदांता को 50 एकड़ जमीन मात्र 1 रुपए प्रति वर्गफुट की टोकन राशि पर दी गयी लेकिन बाद में एक नाटकीय घटनाक्रम में पेनाल्टी वसूलकर वेदान्ता अस्पताल में गरीबों को मिलने वाली सुविधा से वंचित कर प्रदेश की रमन सरकार ने महज 34 करोड़ में गरीब कैंसर पीड़ितों के मुफ्त इलाज के हक को छीन लिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वेदान्ता को कैंसर अस्पताल बनाने बालको वेदान्ता को जमीन इस शर्त के साथ उपलब्ध कराई गई है कि यहां गरीब कैंसर पीडितों का इलाज मुफ्त में किया जायेगा। इससे एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत विलंब का बहाना देकर 34 करोड़ की पेनाल्टी-पेनाल्टी न होकर पुरस्कार है।

उसके अगले दिन इस अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री रमनसिंह ने यह जानते हुये भी कर दिया कि इस अस्पताल में गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं है। इस गरीब विरोधी पहल में सरकार के मुखिया स्वयं मुख्यमंत्री रमन सिंह की सक्रिय सहभागिता और संरक्षण से लोगों का भाजपा में बचाखुचा भरोसा भी समाप्त हो गया है। बालको से किए गए समझौते को रद्द कर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने गरीबों के हक पर डाका डाला है। भाजपा सरकार और इसके मुखिया को यह बताना चाहिए कि वेदान्ता कैंसर अस्पताल में गरीबों का इलाज अब मुफ्त में क्यों नहीं होगा?

आखिर ऐसी क्या वजह रही कि गरीबों का हक 34 करोड़ के जुर्माने के बदले में बेच दिया गया? वेदांता को देर करने के बावजूद वही जमीन मिल गयी, सरकार को 34 करोड़ और न जाने क्या क्या मिल गया, लेकिन अब मुफ्त इलाज से वंचित गरीब कैंसर पीड़ितों को आखिर क्या मिला ? भाजपा की रमन सरकार शुरू से ही गरीबों, किसानों, मजदूरों की विरोधी रही है और हमेशा से ही उद्योगपतियों, पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाले निर्णय लेती रही है। वेदान्ता कैंसर रिसर्च अस्पताल के मामले में एक बार फिर भाजपा सरकार का गरीब विरोधी चेहरा उजागर हुआ है।

लगातार प्रदेश की भाजपा सरकार बालको की मनमानी व श्रमिक विरोधी निर्णयों पर कवच का कार्य कर रही है और वेदान्ता को मनमानी करने की छूट दे रही है। भाजपा की सरकार ने पहले कौड़ियों के दाम देश की शान बालको को अनिल अग्रवाल के हाथ 551 करोड़ में बेच दिया। 1000 एकड़ बेशकीमती जमीन सारे नियम कानूनों को बलायेताक रखकर 200 रुपये एकड़ में सौंप दी और अब एक बार फिर गरीबों के हक पर डाका डालते हुए 50 एकड़ जमीन कौडियों के दाम बेचकर गरीबों के मुफ्त इलाज का अधिकार प्रदेश की बीजेपी की सरकार ने छीन लिया है। भाजपा के गरीब विरोधी चरित्र को तो अब पूरा देश बखूबी जान ही चुका है लेकिन कैंसर जैसी भयावह बीमारी से ग्रस्त गरीबों का हक रमन सरकार द्वारा छीनना किसी को भी स्वीकार नहीं है।

अस्पतालों के निजीकरण के समाचारों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि पहले भी हम कह चुके है कोई भी ठेकेदार स्पष्ट समझ ले जो लेना चाहते है, कांग्रेस की सरकार आयेगी तो जो लूट कमीशनखोरी के सारे एग्रीमेंट होगे वो निरस्त किये जायेंगे। जो भी ठेकेदार काम लेते हैं सोच समझ कर लें अन्यथा राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य में इलाज के लिये जो गरीबों के साथ खिलवाड़ कर रही है, महंगी दरों में इलाज को गरीबों की पहुंच से बाहर करने और मुनाफा कमाने की साजिश कर रहे है।

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