एक कुंतल पांच किलो के राम रहीम का रोजाना घट रहा 120 ग्राम वजन

एक कुंतल पांच किलो के राम रहीम का सुनारिया जेल में बंद होने के बाद से रोजाना 120 ग्राम वजन कम हो रहा है।

एक कुंतल पांच किलो के राम रहीम का सुनारिया जेल में बंद होने के बाद से रोजाना 120 ग्राम वजन कम हो रहा है। इस बात का खुलासा पीजीआई से चार बार स्वास्थ्य की जांच के लिए आ चुकी टीम ने किया है।

25 अगस्त को सीबीआई की अदालत से दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म की सजा के लिए दोषी करार दिए जाने के बाद से डेरा मुखी सुनारिया जेल में बंद है। जेल में आने के समय उसका वजन 105 किग्रा था।

उसे जेल में काम करने व खाने-पीने संयम बरतने के कारण उसका वजन कम हो रहा है। डाक्टरों की माने तो जेल की दिनचर्या उसके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उसका ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर अब नार्मल है।

एक माह तक नए साल का जश्न मनाने वाला डेरामुखी गुरमीत इस बार नये साल का जश्न जेल में करवट बदल कर मनायेगा। डेरे में गुरु शाह सतनाम के अवतार दिवस की तैयारी 25 दिसंबर से ही शुरू हो जाती थी और 25 जनवरी को यह संख्या लाखों के बीच पहुंचती थी।

सिरसा से मिलने के लिए शुक्रवार का उसका वकील आया था। अब नए साल पर परिजन या वकील से उसकी मुलाकात होगी।

राम रहीम के अनुयायी 25 दिसंबर से डेरे में आना शुरू हो जाते थे। शाह सतनाम के अवतार दिवस को मनाने के लिए एक माह पहले ही तैयारी शुरू हो जाती थी। ज्यादा 31 दिसंबर को डेरे में आने वालों की संख्या ज्यादा होती थी।

अवतार दिवस के दिन यह संख्या लाखों में होती थी। शुक्रवार को उससे मिलने के लिए सिरसा से वकील हरीश छाबड़ा आया था। एक घंटे पांच मिनट तक परिसर में रहने के बाद वह वापस गया। 20 मिनट तक उसकी मुलाकात हुई।

गौरतलब है कि राम रहीम से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को उसकी मां नसीब कौर, बेटा जसमीत, बेटी चरणप्रीत व दामाद रुहमीत आये थे। परिवार के लोग अब नए साल पर सोमवार को मिलेंगे।

चार माह के भीतर 52 बार मिल चुके हैं वकील

राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा

25 अगस्त से दो साध्वी से दुष्कर्म मामले में राम रहीम सुनारिया जेल में बंद है। उससे मिलने का दिन सोमवार व बृहस्पतिवार है। परिवार के लोगों की मुलाकात तीन बजे के बाद होती है। पहले उससे मिलने के लिए वकीलों की आने की संख्या कम थी। इन दिनों वकीलों से मिलने की संख्या बढ़ गई।

जेल सूत्रों की माने तो उसके अलग-अलग मामले में वकालतनामे पर हस्ताक्षर रखने वाले वकीलों की अब तक मिलने की संख्या 52 हो चुकी है। पहले सप्ताह में एक या दो बार वकील आते थे। जो दिसंबर माह में हर सप्ताह तीन से चार बार आ रहे हैं।

वकील से मिलने का कोई दिन या समय नहीं होता है। इसके कारण ड्योढ़ी पर रहने वाले मैनुअल रजिस्टर में इसका रिकॉर्ड रखा जा रहा है।

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