छत्तीसगढ़

वन मंडल रायगढ़ में हफ्ता भर में एक आरा मिल तथा एक फर्नीचर मार्ट सील

वन विभाग का सघन अभियान निरंतर जारी

  • करीब 8 लाख रूपए मूल्य के 23 घनमीटर अवैध काष्ठ की भी जब्ती

रायपुर, 19 सितम्बर 2020 : वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में वन विभाग द्वारा राज्य भर में वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 सितम्बर से अब तक एक सप्ताह के भीतर वन मंडल रायगढ़ के अंतर्गत जांच के दौरान खामियां पाये जाने के कारण एक आरा मिल और एक फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। इनमें आर.के. फर्नीचर एंड टिम्बर रायगढ़ तथा रायगढ़ के ही मौदहापारा रोड स्थित संजय सॉ मिल शामिल है।

रायगढ़ मनोज पांडे के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा

प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में वन मंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पांडे के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा आरा मिलों में पहुंचकर सघन जांच की कार्रवाई निरंतर जारी है। टीम द्वारा जांच के दौरान आरा मिलों का अवैध तरीके से संचालन होने अथवा वहां लकड़ी के अवैध लट्ठे पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में गत 18 सितम्बर को टीम द्वारा जांच में पाया गया कि रायगढ़ के संजय सॉ आरा मिल संचालक द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली स्थापित कर चलायी जा रही थी। इसको केवल आरा मशीन चलाने की अनुमति थी, ट्रॉली की नही।

इसके कारण वहां बिना अनुमति चल रहे पावर सॉ मशीन तथा ट्राली को सील कर दिया गया है। संजय सॉ मिल द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली तथा 15 एच.पी. का मोटर लगाकर संचालन किया जा रहा था, जो अवैधानिक है। इन्हें व्यापारी का अनुज्ञप्ति प्राप्त है, लेकिन विनिर्माता का अनुज्ञप्ति नहीं होने पर भी इनके द्वारा अवैधानिक रूप से कार्य किया जा रहा था। इसी तरह संजय सॉ मिल का व्यक्तिगत हैमर वर्ष 2016 के लिए पंजीकृत थ, लेकिन इनके द्वारा नवीनीकरण न कराते हुए उक्त हैमर को अभी तक अवैधानिक रूप से उपयोग किया जा रहा था। इसके कारण संजय सॉ मिल को सील किया जाकर उसके विद्युत विच्छेद के लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है।

संजय सॉ मिल में अभिलेखों की जांच

संजय सॉ मिल में अभिलेखों की जांच करने पर यह पाया गया कि उसके द्वारा आर.के. मार्ट एंड टिम्बर रायगढ़ से वनोपज का चिरान किया जाता रहा है। टीम द्वारा तब विगत दिवस आर.के. मार्ट एंड टिम्बर छातामुड़ा के आरा मिल में भी दबिश दी गई। वहां मौके पर बिना हैमर निशान के साल के 153 नग लट्ठे और बीजा के 11 नग लट्ठे कुल 23 घनमीटर के करीब अवैध काष्ठ का भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर वन विभाग द्वारा जप्त कर उससे विक्रय काष्ठागार उर्दना में भंडारण कर दिया गया है। जप्त किए गए लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 8 लाख रूपए है। उक्त कार्रवाई में वन क्षेत्रपाल लीला पटेल सहित प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश्वर मिश्रा तथा दीनबंधु प्रधान व गोवर्धन राठौर आदि उड़नदस्ता दल के अमले का सराहनीय योगदान रहा।

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