राष्ट्रीय

देशभर में हॉटस्पॉट और कंटेंनमेंट जोन इलाके में एक तिहाई आबादी कोरोना संक्रमित

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ बड़े पैमानें पर काम कर रहा ICMR

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने अति जोखिम वाले इलाकों (हाई रिस्क जोन) में संक्रमण की स्थिति जानने के लिए एक सर्वे किया है जिसमें यह बात निकल कर सामने आई है कि देशभर में हॉटस्पॉट और कंटेंनमेंट जोन इलाके में एक तिहाई आबादी कोरोना संक्रमित है.

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ICMR जल्द ही एक रिपोर्ट जारी कर सकता है. इसी रिपोर्ट में एक तिहाई लोगों के संक्रमित होने व उनके ठीक होने की बात का जिक्र किया गया है. इस बाबत खबरों की मानें तो इस रिपोर्ट को अभी प्रकाशित नहीं किया गया है लेकिन इसमें यह बताया गया है कि हो सकता है कंटेनमेंट जोन और हॉटस्पॉट इलाकों में एक तिहाई आबादी कोरोना संक्रमित हुई हो और बाद में ठीक भी हो गई हो.

ICMR ने हर शहर के कुल 10 कंटेनमेंट जोन्स में लगभग 500 सैंपलों को इक्ट्ठा किया. साथ ही देश के 21 राज्यों के 60 शहरों से भी ICMR ने सैंपल जुटाए. ICMR की मानें तो इन्ही सभी शहरों में से देश में कोरोना वायरस के 70 फीसदी मामले सामने आए हैं.

एलिजा एटीबॉडी टेस्ट के तहत लोगों के खून के सैंपल

बता दें कि सभी सैपलों को एलिजा एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए जुटाया गया. इसका इस्तेमाल अलग अलग शहरों में किया गया. एलिजा एटीबॉडी टेस्ट के तहत लोगों के खून के सैंपल लिए गए. ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह पता चल सके कि लोगों में कोरोना का एंटीबॉडी है या नहीं. बता दें कि अभी और 8 जिलों में कोरोना की टेस्टिंग की जा रही है. इन जिलों की रिपोर्ट आने के बाद इन आंकड़ों को मुख्य रिपोर्ट में दर्ज कर लिया जाएगा.

कोरोना महामारी का कहर पूरी दुनिया में दिखा रहा है और भारत में भी आंकड़ा ढाई लाख पहुंच गया है. लेकिन राहत की बात ये है कि भारत में 80 फीसदी से ज्यादा केस ऐसे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं है और ऐसे केस की बहुतायत का फायदा ये होगा कि भारत में हर्ड इम्यूनिटी विकसित होगी और फिर हम कोरोना को हरा पाएंगे.

बिना लक्षण वाले कोरोना केस की संख्या ज्यादा

देश के जाने माने कैंसर सर्जन डॉक्टर अंशुमान कुमार ने कहा कि देश में बिना लक्षण वाले कोरोना (एसिम्प्टोमैटिक) केस की संख्या ज्यादा है. देश में बहुत सारे ऐसे लोग भी होंगे जिन्हें पता भी नहीं चलेगा और वह ठीक हो चुके रहेंगे. जो स्टडी सामने आ रही है उसके मुताबिक भारत में 80 से 84 फीसदी लोगों को बिना लक्षण वाला कोरोना हो रहा है. ऐसे कोरोना में लोगों को बीमारी के लक्षण नहीं आते और जिन्हें आते भी हैं उन्हें सिर्फ मामूली सर्दी-खांसी होती है और वह पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं.

इस तरह के कोरोना की एक हानि ये है कि इससे लोगों को फैलने का खतरा रहता है क्योंकि ये कैरियर बनते हैं और दूसरों को कोरोना संक्रमण हो जाता है क्योंकि लोग ऐसे कोरोना पीड़ित से लोग बचाव नहीं कर पाते और अनजाने में संपर्क में आते हैं और एक से दूसरे में ये फैल जाता है. लेकिन इसका फायदा ये है कि चूंकि इनमें लक्षण नहीं होते और मारक क्षमता कम होती है ऐसे में ज्यादा हानि नहीं पहुंचा पाते.

इस तरह से जब हम आकलन करते हैं तो देश में ज्यादातर केस ऐसे होंगे जिनमें लोगों को बिना लक्षण वाले कोरोना होने का अंदेशा है या फिर जिन्हें हुआ भी होगा वह ठीक भी हो चुके होंगे इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि ज्यादातर लोग इससे संक्रमित होकर ठीक हो जाएंगे तो हर्ड इम्युनिटी देश में विकसित हो जाएगी.

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