छत्तीसगढ़

हाथी के हमले में एक महिला की मौत, दूसरी ने भागकर बचाई जान

घटना में मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दूसरी महिला ने इस बीच किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

बिलासपुर। Elephant Attack: खलिहान में रखे अपने धान की रखवाली करने वहीं सो रही दो महिलाओं पर एक लोनर हाथी ने हमला कर दिया। अचानक हुई घटना से एक महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हिंसक हो चले हाथी ने उसे अपनी सूंड़ से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। घटना में मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दूसरी महिला ने इस बीच किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

हमले में बची महिला के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले चार दिन में यह तीसरी मौत है। गुरूवार अल सुबह चार बजे की यह घटना कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पसान रेंज की है। ग्राम पंचायत अरसरा के आश्रित ग्राम घाघरा में बुधनी पति मानसाय पंडो (50) गांव के बाहर स्थित अपने खलिहान में रात को धान की रखवाली करने के लिए सोई हुई थी।

तडक़े चार बजे लोनर हाथी अचानक पहुंचा। हाथी की चिंघाड़ व उसके पैरों की आहट सुनकर महिला जागकर भागने की कोशिश कर रही थी तभी दंतैल हाथी ने उसे अपने निशाने पर ले लिया और सूंड में उठाकर पटक दिया। घटना में बुरी तरह घायल बुधनी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गइ्र। इसकी जानकारी गुरूवार की सुबह तब लगी। जब उसके परिजन खलिहान पहुंचे, तो महिला मृत पड़ी थी।

इसकी सूचना वन विभाग के बीटगार्ड व रेंजर निश्चल शुक्ला के बाद वनमंडलाधिकारी शमा फारूखी को दी गई। किसी तरह वहां भागकर अपनी जान बचाने सफल रही दूसरी महिला के हाथ में गंभीर चोट लगी है, जिसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जिले में पिछले चार दिनों के दौरान हाथियों के हमले में यह तीसरी मौत है। कोरबा वनमंडल के लेमरू रेंज के बडग़ांव में हाथी ने मंगलवार को एक महिला को भी मार डाला था। हाथियों के हमले में लगातार हो रही मौत से ग्रामीण काफी भयभीत हैं। उसकेे एक दिन पहले ही पसान रेंज में लोनर ने एक बुजुर्ग को जान ली थी।

घटना के बाद वहीं घूम रहा था, पसान में दूसरी घटना

खलिहान के पास मृत पडी बुधनी के परिजन जब वहां पहुंचे, तो देखा कि हमला करने वाला लोनर हाथी आसपास ही घूम रहा था। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर उसे आबादी से दूर खदेड़ा। पंचनामे की कार्रवाई के बाद मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया और शव को परिजनों को सौंप दिया गया और उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

वन विभाग की ओर से वन्य प्राणी के हमले में मृत्यु पर दी जाने वाली तत्कालिक सहायता के रूप में 25 हजार रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। मृतका के परिजनों को कुल छह लाख का मुआवजा दिया जाएगा। प्रकरण बनाने के पश्चात् शेष राशि का भुगतान होगा। चार दिन के भीतर पसान में मौत की यह दूसरी घटना है।

चार किमी के दायरे में घूम रहा 17 का झुंड

दो लोनर हाथी पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग की ओर से बार-बार मुनादी कराकर ग्रामीणों को रात में घर से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी जा रही है। इससे पहले भी पसान रेंज के तनेरा सर्किल के ग्राम बर्रा में लोनर हाथी ने दो दिन पहले एक वृद्ध को मौत के घाट उतार दिया था। जिले में पिछले चार दिनों के दौरान हाथियों के हमले में यह तीसरी मौत है।

कोरबा वनमंडल के लेमरू रेंज के बडग़ांव में हाथी ने मंगलवार को एक महिला को भी मार डाला था। हाथियों के हमले में लगातार हो रही मौत से ग्रामीण काफी भयभीत हैं। 17 हाथियों का दल पसान से चार किमी की दूरी पर जंगल में विचरण कर रहा है। आस-पास के गांव में दहशत का वातावरण है।

बिछड़कर घूम रहे तीन लोनर हुए हिंसक

ऐतमानगर, पसान व केंदई से लेकर कोरिया सीमा से लगे जंगलों में पिछले एक साल से 42 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। धान में लगी फसल, मकान व लोगों की जान की आफत बने इस झुंड के तीन भाग में बंटने की बात कही जा रही। झुंड से बिछड़कर अलग हुए तीन लोनर हाथी भी हैं, जो अब हिंसक हो चले हैं।

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