फलाहारी बाबा की जमानत अर्जी को अलवर कोर्ट ने किया खारिज

छत्तीसगढ़ की युवती से बलात्कार के आरोपी फलाहारी बाबा उर्फ संत कौशलेंद्र महाराज की जमानत अर्जी को अलवर कोर्ट ने खारिज कर दिया है। फलाहारी बाबा ने कोर्ट से जमानत  अपील की थी, जिसे गुरुवार को खारिज कर दिया गया। दुष्कर्म के आरोपी अलवर के फलाहारी बाबा को राजस्थान पुलिस ने 23 सितंबर गिफ्तार किया था। फलाहारी बाबा को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बिलासपुर जिले की रहने वाली एक युवती ने फलाहारी बाबा के खिलाफ रेप की कोशिश का केस दर्ज कराया है। रेप के आरोप लगने के बाद फलाहारी महाराज खुद को बीमार बताकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा लिया 22 सितंबर को को अस्पताल ने बाबा की सेहत को ठीक बताया तो पुलिस ने अस्पताल से ही बाबा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद फलाहारी ने खुद के नपुंसक और रेप करने में असमर्थ होने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस मेडिकल टेस्ट के लिए बाबा को सरकारी अस्पताल लेकर गई है।

 मामला ये है

फलाहारी बाबा ने 7 अगस्त को उसके साथ रेप की कोशिश की थी। पीड़िता के परिजन इस बाबा के शिष्य हैं। यह युवती जयपुर में रह कर कानून की पढ़ाई कर रही थी। बाबा की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के यहां उसने अपनी इंटर्नशिप करने का मौका मिला था। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उसे 3 हजार रुपए का मानदेय मिला था। घरवालों ने सलाह दी कि वह 3 हजार रुपए के उस चैक को बाबा के आश्रम को दान कर दे। इसीलिए वह अलवर आई थी। रक्षाबंधन का दिन होने की वजह से फलहारी बाबा ने उसे आश्रम में ही रुकने के निर्देश दिए। उससे कहा कि रात में उसे गुप्त दिव्य मंत्र दिया जाएगा। इतना ही नहीं उसे हाई कोर्ट का जज बनाने का प्रलोभन भी दिया। इसके बाद रात को उससे रेप की कोशिश की गई।अलवर में बाबा का वेंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। फलाहारी बाबा अलवर में गोशाला और संस्कृत का स्कूल भी चलाते हैं। बाबा के रिश्ते कई राजनीतिक दलों से भी बताए जाते हैं और उन्हें भाजपा का करीबी माना जाता है। हाल ही बाबा की मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं।

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