ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के बी. टेक., एम.टेक. और एमबीए प्रोग्राम्स को मिली एआइसीटीई की मान्यता

रायगढ़ :  ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ को  इंजीनियरिंग (बी. टेक., एम.टेक. ) और मैनेजमेंट (एमबीए) प्रोग्राम्स को एआइसीटीई (आल  इंडिया कॉउन्सिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) से मान्यता प्राप्त हो गई है।  एआईसीटीई द्वारा नियुक्त एक निरीक्षण टीम ने ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के अंडर ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG)  के कार्यक्रमों को मंजूरी देने के लिए 14 अप्रैल 2019 को विश्वविद्यालय के पुंजिपथरा परिसर का दौरा किया। टीम ने विश्वविद्यालय की सभी प्रयोगशालाओं और अन्य मौजूदा सुविधाओं को देखा। निरीक्षण दल की रिपोर्ट के आधार पर एआइसीटीई ने विश्वविद्यालय  को इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स ( बी टेक -मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग; एवं एम.टेक.-स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, पावर प्लांट इंजीनियरिंग एंड एनर्जी मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड पावर सिस्टम्स) और प्रबंधन प्रोग्राम ( एमबीए) को मान्यता प्रदान कर दिया है। एआईसीटीई द्वारा इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्राम्स को मान्यता प्रदान करने के साथ ही साथ विश्वविद्यालय को अन्य देशों के छात्रों को भी प्रवेश देने के लिए मंजूरी प्रदान की है। 

यह सर्वविदित है कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से  की गई थी। विश्वविद्यालय विश्व स्तर के पाठ्यक्रम, विश्व स्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है; और विश्वविद्यालय को इस्पात प्रौद्योगिकी और प्रबंधन का सबसे विशिष्ट और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने कहा कि चूंकि विश्वविद्यालय के प्रोग्राम्स को यूजीसी द्वारा अनुमोदित किया जाता है, एआईसीटीई की मंजूरी अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसकी मान्यता प्रोग्राम्स की वैधता को और अधिक मजबूत करेगी। मान्य GATE स्कोर वाले छात्रों को M. Tech. में प्रवेश लेने पर सरकार द्वारा अनुमोदित वजीफा भी मिलेगा। ज्ञातव्य हो की विश्वविद्यालय ने स्टूडेंट- एक्सचेंज  प्रोग्राम के लिए सितंबर 2018 में अन्हुई यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी (AHUT), चीन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मेटलर्जिकल और मैटेरियल्स इंजीनियरिंग में स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम (OPJU में 2 साल का अध्ययन और AHUT चीन में 2 साल का अध्ययन) इस आगामी सत्र 2019-20 के बैच से आरम्भ हो जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सत्र 2019-20 के लिए प्रवेश शुरू हो चुके हैं और इच्छुक छात्र विस्तृत जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जा सकते हैं। डॉ.पाटीदार ने एआईसीटीई की मंजूरी पाने के लिए विश्वविद्यालय के सभी संकायों और स्टाफ सदस्यों को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।

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