गुणवत्ताविहिन निर्माण की हद पार, घटिया नाली निर्माण की खुली पोल

-निर्माण के बारे में अधिकारियों को नही कोई जानकारी

सूरज गुप्ता

करगीरोड कोटा :

इन दिनों कोटा नगर पंचायत के वार्ड नं दो में हो रहे घटिया नाली निर्माण के चलते काफी सुर्खियों में है. वाट्सप और फेसबुक में खुब चर्चा का विषय बना हुआ है। ठेकेदार किस तरह आरसीसी नाली की निर्माण कर रहा है ये फोटो को देख कर समझा जा सकता है शायद ही इससे घटिया निर्माण होता होगा । शासन से मिली राशि का किस तरह से दुरूपयोग किया जा रहा है ये सब वार्ड में पहुंचकर देखा जा सकता है.

नगर पंचायत कोटा में विकास कार्यो का टेंडर कुछ माह पहले हुआ था जिसमें वार्ड नें दो में 5 लाख 34 हजार की लागत से आरसीसी नाली बननी थी. लेकिन उसका लेआउट कब किसने दिया इसकी जानकारी इंजिनियर को भी नही है, लेकिन नाली का निर्माण गुणवत्ता की अनदेखी करते हुए कर दिया गया लगभग 160 मीटर नाली का निर्माण होना है.

जानकारी के अनुसार कोटा के रामचरण मिस्त्री ने इसे पेटी कांटेक्ट में लेकर इसका निर्माण शुरू किया है जिसे स्टीमेंट के ठिक विपरीत बनाया जा रहा है .

छड दस की जगह 8 एम एम की लग रही जाल यू आकार में बनाना था वो नही बनाया गया निचे बेस के उपर छड नही है दोनो साईड में छड को लटका दिया गया छड की दुरी डेढ से दो फी की दुरी पर है जबकि छै आठ इंच होनी चाहिए वहीं कांक्रीट भी गुणवत्ता विहिन है एक व्यक्ति नें जाल को उठाया तो वह पूरा उपर उठ गया और भ्रष्टाचार की पोल खुल गयी.

मोहल्ले वालों नें इसका विरोध भी किया लेकिन ठेकेदार नें अपनी मनमानी करते हुए बहुत कुछ निर्माण कर दिया है जिसका पार्षद ने विरोध करते हुए शिकायत की है और इसे डिसमेंटल कर फिर से नियमत: निर्माण करने की बात कही है ।

वार्ड नं दो में एक सप्ताह पूर्व ठेकेदार नें नाली का निर्माण शुरू किया लेकिन उसे देखने वाला नगर पंचायत का कोई अधिकारी कर्मचारी मौजूद नही था जिसका ठेकेदार ने फायदा उठाते हुए सबसे घटिया स्तर का काम बेखौफ होकर चालू कर दिया कार्य इतना निम्नस्तर से किया किया जा रहा था कि वार्डवासीयो नें तुरंत इसकी शिकायत पार्षद प्रदीप कौशिक से की जिसके बाद पार्षद नें वहां पहुंच कर काम बंद करा दिया और अधिकारीयो को इसकी जानकारी दी ।

इंज़ीनियर के बिना ले आउट कर दिए काम शुरू :कोटा नगर पंचायत की इंजिनियर अदिति राही का कहना था कि मुझे नही मालूम कहा काम हो रहा मैने अभी तक ले आउट.

ठेकेदार को मालूम नही काम कौन कर रहा : काम 14 अगस्त से रामचरण नाम के मिस्त्री ने नगर अध्यछ से भूमि पूजन कराकर काम शुरू किया लेकिन ठेकेदार रेखा अग्रवाल के पास उक्त नाली निर्माण कार्य का वर्क आर्डर 19 अगस्त को मिला जिसपर ठेकेदार के प्रतिनिधि वेंकट अग्रवाल नें साफ तौर पर कहा कि कार्य के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है उनका जवाब भी समझ से परे है.

आश्चर्य की बात तो यह है कि उक्त गुणवत्ता विहिन नाली का निर्माण कौन कर रहा है इसकी जानकारी ना ठेकेदार को है ना ही विभाग की इंजिनियर को तो फिर कौन कैसे और किसके आदेश पर घटिया निर्माण कर रहा है ये निष्पछ जांच का विषय है.

बहरहाल कोटा नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है इससे पहले भी शौंचालय निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया वर्तमान में आवास निर्माण में भी जमकर भ्रष्टाचार चल रहा आवास एवं सभी निर्माण कार्यो में तो मोटी रकम की कमीशन भी चल रही है.

इसलिए तो ठेकेदार को आवास निर्माण का कार्य सौंप दिया गया है बस शिकायत और जांच होती है उसके बाद मामला शांत हो जाता है अब आगे देखना होगा नाली निर्माण कार्य में अधिकारी कैसी जांच करते है और क्या कार्यवाही करते है क्योकि इसका सारा सबूत विडियो के माध्यम से फेसबुक़ और वाट्सप पर चल रहा है या फिर आपसी सेंटिंग कर मामला दबा दिया जाएगा ।

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