पूर्ववर्ती रमन सरकार की खुली पोल, पर्यटन विभाग में ऐसा लगा चुना

इन योजनाओं में प्रदेश सरकार के हिस्से वाले कार्य का बजट नहीं होने से रोड़ा अटक रहा है।

प्रदेश के विकास का डंका पीटने वाली पूर्ववर्ती रमन सरकार ने अपने बजट में पर्यटन विभाग को 60 करोड़ रुपये तो आवंटित किया पर विभाग को मिला सिर्फ ढाई करोड़ रुपया।

ऐसे में विभाग राज्य के पर्यटन व संस्कृति को देश की पटल पर लाने में कितना सफल हो पाया होगा इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

विभाग की गतिविधियां केंद्र सरकार की योजनाओं से ही संचालित हो रही हैैं। इन योजनाओं में प्रदेश सरकार के हिस्से वाले कार्य का बजट नहीं होने से रोड़ा अटक रहा है।

पर्यटन विभाग को राज्य सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 60 करोड़ की धनराशि का इंतजाम वार्षिक बजट में किया था। विभाग ने इसी के आधार पर अपनी कार्ययोजना बनायी।

विभाग की इन योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का भारी भरकम अमला प्रयासरत भी रहा पर विडंबना की सरकार से विभाग की धनराशि ही नहीं मिली। अभी तक मात्र ढाई करोड़ रुपये ही सरकार ने पर्यटन विभाग को दी।

पर्यटन विभाग में ट्रायबल टूरिज्म सर्किट योजना में सौ करोड़ का बजट मिला। विभाग ने धमतरी से चित्रकोट तक सर्किट तैयार कराया भी। इस योजना में भी जो कार्य राज्य सरकार के बजट से प्रस्तावित हैं वे अभी बाकी है।

प्रसाद योजना के तहत डोंगरगढ़ स्थित बम्लेश्वरी देवी मंदिर परिसर का विकास भी होने को है पर यहां भी इस बात का संकट है कि जो कार्य राज्य सरकार के बजट से होना है वह कैसे होगा।

राज्य सरकार पर्यटन विभाग के अलावा पर्यटन मंडल में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष भी नियुक्त करती है। ऐसे में सवाल है कि जब विभाग को बजट ही नहीं मिलता तो विभाग का औचित्य ही क्या है।

इस वर्ष भी बजट देने से मंत्री ने खड़े किए हाथ, मांगी कार्ययोजना

भूपेश सरकार के पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने विभागीय समीक्षा बैठक में साफ तौर पर कह दिया है कि इस वर्ष बजट में पयर्टन को कुछ मिलना असंभव सा है।

मंत्री ने हालांकि अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विस्तार से कार्ययोजना प्रस्तुत करें।

अगले बजट में पर्यटन विभाग को धन आवंटित किया जाएगा। सरकार अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है। ऐसे में पर्यटन को जब अपना आवंटित बजट ही नहीं मिला तो अनुपूरक से क्या उम्मीद।

सिर्फ वेतन भर मिला पैसा

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के जीएम डॉ संजय सिंह ने बताया की राज्य सरकार ने जितना बजट दिया है वह मंडल के कर्मचारियों के वेतन भत्ते आदि भर के लिए भी पर्याप्त है।

कहा इस वर्ष अब तक मात्र ढाई करोड़ ही रुपये प्राप्त हो सके हैं। धन के अभाव में कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही है। कहा कि बजट मिलते ही पहले पुरानी परियोजनाएं पूरी होंगी फिर नई परियोजना पर कार्य होगा।

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