उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में युवाओं के लिए खुल रहे हैं अवसरों के नये दरवाजे : डाॅ. रमन

-मुख्यमंत्री ने डीआईसीसीआई के सम्मेलन ’बिजकाॅन-2018’ को सम्बोधित किया

रायपुर:

मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में अवसरों के नये दरवाजे खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार के नये उपक्रम प्रारंभ करने के काफी अच्छे अवसर हैं। अच्छी सड़कों, बेहतर अधोसंरचना, बिजली और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता तथा राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीति से प्रदेश में उद्योग और व्यापार का सकारात्मक वातावरण बना है।

मुख्यमंत्री आज यहां एक निजी होटल में दलित इंडियन चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज छत्तीसगढ़ चेप्टर की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सम्मेलन डीआईसीसीआई: बिजकाॅन-2018 एवं राज्य स्तरीय वैण्डर डेव्लपमेंट कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने इस अवसर पर अनुसूचित वर्गों के युवा उद्यमियों के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर केन्द्रित पुस्तक मेक इट पाॅसिबल का विमोचन किया। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष छगन मूंदड़ा और पूर्व विधायक श्री विनोद खांडेकर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अनुसूचित वर्गो के उद्यमियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। डाॅ. सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी औद्योगिक नीति-2014-19 के तहत उद्यमियों को अनेक रियायतें दे रही है। नये उद्योगों की स्थापना से युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंगलुरू और चेन्नई जैसे अत्याधुनिक बीपीओ प्रदेश के दूरस्थ अंचल के दंतेवाड़ा और बीजापुर में प्रारंभ किए गए हैं।

डाॅ. सिंह ने डीआईसीसीआई के आग्रह पर उद्यमियों को उद्योगों के लिए भूमि आबंटन के बाद उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए नियत 2 साल की अवधि बढ़ाकर चार वर्ष करने और जिला उद्योग केन्द्रों में अनुसूचित वर्ग के एक-एक उद्यमी को नामांकित करने के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया।

डाॅ. सिंह ने प्रसन्नता जताई कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति वर्ग के युवा प्रदेश में उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन वर्गो के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए डीआईसीसीआई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डीआईसीसीआई ने अपनी स्थापना के 15 वर्षो में देश के सभी राज्यों और लगभग 300 जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफलता पायी है।

इस संस्था द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर नीतियों के निर्धारण और युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन और सहायता देने में प्रशंसनीय काम किया जा रहा है।

डाॅ. सिंह ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, लगन और दृढ़ इच्छा शक्ति से युवा हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। डीआईसीसीआई के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री सम्मानित मिलिन्द काम्बले, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद्मश्री सम्मानित रवि कुमार नारा, डीआईसीसीआई के पश्चिम भारत के अध्यक्ष निश्चय शेल्के और छत्तीसगढ़ चेप्टर के अध्यक्ष मनीष बौद्ध ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए।

आभार प्रदर्शन प्रेमनाथ वैद्य ने किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक सुनील मिश्रा, डीआईसीसीआई के उत्तर क्षेत्र के संजीव डांगी, दक्षिण क्षेत्र के राजा नायक, महिला शाखा की अध्यक्ष अनिता राज सहित अनेक पदाधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये युवा उद्यमी उपस्थित थे।

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